नाबालिग प्रेमिका को भगाने की मिली सजा, अपहरण- बलात्कार के आरोप में युवक गिरफ्तार

ना तो प्रेम करना अपराध है और ना ही प्रेम विवाह, लेकिन ऐसा करने वालों को कम से कम भारत के कानून का ध्यान रखना होगा, जहां विवाह के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष आवश्यक है। इसी बात का ध्यान न रखने पर घर गृहस्थी बसाने की बजाय आधा जीवन जेल में गुजरना पड़ता है ।ऐसा ही एक मामला तखतपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां नाबालिग को भगा कर ले जाने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में 21 वर्षीय युवक को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।

दरअसल तखतपुर क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग किशोरी 29 जनवरी को अचानक गायब हो गई। परिजनों ने थाने में रिपोर्ट लिखाते हुए आशंका जताई कि उनकी बेटी को कोई व्यक्ति बहला फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि गायब लकड़ी का प्रेम संबंध ग्राम कमोदा तखतपुर निवासी 21 वर्षीय राकेश मरावी के साथ था। जिसके बाद पुलिस उसके मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश करने लगी तो पता चला कि राकेश रायपुर के मोती नगर में मौजूद है। पुलिस की एक टीम रायपुर पहुंची तो वहां न केवल राकेश मरावी मिला बल्कि उसके पास से ही वही गायब लड़की भी मिली। पूछताछ में उसने बताया की शादी की बात कह कर राकेश उसे अपने साथ भगा कर ले गया था और उसके साथ लगातार किसी पत्नी की तरह शारीरिक संबंध भी बना रहा था, चूंकि लड़की नाबालिग थी इसलिए ना तो उसकी सहमति का कोई अर्थ था और ना ही किसी विवाह का। लिहाजा पुलिस ने अपहरण, बलात्कार के साथ चार पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया है।

अगर वह कुछ साल और इंतजार कर लेता तो उसकी हंसती खेलती जिंदगी होती , लेकिन अब उसकी जिंदगी पूरी तरह तबाह हो गई है। अगर आरोप साबित हो गए तो फिर राकेश मरावी को 20 साल जेल हो सकती है । यह उन सभी लड़कों के लिए सबक है जो प्रेम वशीभूत होकर बिना सोचे समझे नाबालिग किशोरी को भगा ले जाते हैं।

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