

बिलासपुर। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और बढ़ते तनाव का असर अब शहर की ईंधन व्यवस्था पर भी साफ नजर आने लगा है। गैस संकट के बीच अब पेट्रोल-डीजल आपूर्ति को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। प्रशासन के निर्देश पर शहर के पेट्रोल पंपों में बिना नंबर वाली गाड़ियों को ईंधन देने पर रोक लगा दी गई है।
शहर के पुलिस कल्याण पेट्रोल पंप सहित देवकीनंदन चौक और नेहरू चौक स्थित कई पंपों पर इस संबंध में सूचना पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शित की गई है। पंप कर्मचारियों के अनुसार, अब बिना नंबर वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल देने से साफ मना किया जा रहा है।
उधारी व्यवस्था भी हुई बंद
तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की उधारी व्यवस्था भी बंद कर दी है। अब पंप संचालकों को अग्रिम भुगतान पर ही ईंधन मिल रहा है, जिससे वे ग्राहकों को उधार नहीं दे पा रहे हैं। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नवदीप सिंह अरोरा ने बताया कि इस स्थिति से डीलरों की रिकवरी और ग्राहक सेवा दोनों प्रभावित हो रही हैं।
शहर में 70 पंप, रोजाना 2 लाख लीटर खपत
बिलासपुर शहर में करीब 70 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां प्रतिदिन लगभग 2 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। वहीं डीजल की मांग शहर के आउटर इलाकों में अधिक है। Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum और Reliance Jio सहित कुल 215 सर्विस स्टेशन बिलासपुर क्षेत्र में संचालित हैं।
गैस सिलेंडर का संकट जारी

इधर, रसोई गैस की किल्लत अभी भी दूर नहीं हो पाई है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए भटकना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि बुकिंग के सात दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। हालांकि खाद्य विभाग के अधिकारी सप्लाई सामान्य होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है।
कुल मिलाकर, पेट्रोल-डीजल पर सख्ती और गैस संकट के चलते शहरवासियों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
