

बिलासपुर। बिलासपुर में रामनवमी के अवसर पर इस वर्ष भी पारंपरिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। शहर के व्यंकटेश मंदिर से 27 मार्च को 53वीं वर्ष भव्य शोभायात्रा निकलेगी। आयोजन की तैयारियों को लेकर मंदिर परिसर में बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
मंदिर में हर रविवार शाम आयोजित बैठकों में निर्णय लिया गया है कि शहर के सभी समाज और मंदिरों से जुड़े लोग इस शोभायात्रा में शामिल होंगे। सभी समाज अपने आराध्य, सांस्कृतिक पहचान और बैनर के साथ भाग लेंगे।
बैठक में तय किया गया कि यादव समाज रावत नाच की वेशभूषा में, सतनामी समाज बाबा गुरु घासीदास की प्रतिमा के साथ पंथी नृत्य, पंजाबी समाज गुरु गोविंद सिंह की झांकी, जबकि सिंधी समाज भगवान झूलेलाल की प्रतिमा लेकर शामिल होंगे। इसके अलावा ब्राह्मण, साहू, सूर्यवंशी, निर्मलकर, रजक, कश्यप, गंधर्व, मानिकपुरी पनिका, अहिरवार, क्षत्रिय, मराठी, देवांगन, गुप्ता, स्वर्णकार, जायसवाल, कल्चुरी और वस्त्रकार समाज भी अपनी-अपनी झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शोभायात्रा में भाग लेंगे।
शाम 4 बजे मंदिर से निकलेगी शोभायात्रा
27 मार्च को शाम 4 बजे शोभायात्रा व्यंकटेश मंदिर से शुरू होगी। भगवान हनुमान की अगुवाई में निकलने वाली इस यात्रा में श्रीराम दरबार, व्यंकटेश भगवान, तुलसीदास महाराज, श्रीरामचरितमानस, बघवा मंदिर और रामेश्वर शिवालय मंदिर की झांकियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी।
108 कलश यात्रा और लोकनृत्य होंगे आकर्षण
शोभायात्रा में 108 कलश लेकर महिलाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही पंथी, करमा, सुआ और ददरिया लोकनृत्य के दल तथा भजन मंडलियां भी यात्रा की शोभा बढ़ाएंगी।
1973 से चली आ रही परंपरा
मंदिर के महंत डॉ. प्रपन्नाचार्य ने बताया कि पहले रामनवमी पर मंदिर में केवल पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन होता था। वर्ष 1973 में लोगों को जोड़ने के उद्देश्य से शोभायात्रा की शुरुआत की गई थी। समय के साथ यात्रा का मार्ग और स्वरूप बढ़ता गया और आज यह शहर का प्रमुख धार्मिक आयोजन बन गया है।
20 से अधिक स्थानों पर होगा स्वागत
शोभायात्रा व्यंकटेश मंदिर से निकलकर सदर बाजार, गोलबाजार, गांधी चौक, शिव टॉकीज चौक, पुराना बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, पुलिस ग्राउंड और लखीराम ऑडिटोरियम होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। इस दौरान 20 से अधिक स्थानों पर यात्रा का स्वागत, पूजा-अर्चना और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा।
आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि शोभायात्रा के स्वागत में चौक-चौराहों पर दीपक जलाकर कार्यक्रम को भव्य बनाने में सहयोग करें।
