

बिलासपुर। शहर के सरकंडा क्षेत्र में हुई धर्मशाला चोरी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी सहित तीन नाबालिगों को पकड़ लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी वेद आर्य निवासी केरीबंधा जिला सक्ती, जो वर्तमान में आर्य समाज धर्मशाला दयानंद सेवाधाम में देखरेख का काम करते हैं, ने 7 मार्च 2026 को थाना सरकंडा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि होली त्योहार के कारण वह धर्मशाला में ताला लगाकर अपने गांव गए थे। इसी दौरान किसी अज्ञात चोर ने धर्मशाला का ताला तोड़कर स्टोर रूम में रखे तांबे के बर्तन, प्लेट, ग्लास, चम्मच, लोटा, पूजा सामग्री, साउंड बॉक्स, कपड़े और सफाई का सामान सहित करीब 40 हजार रुपये का सामान चोरी कर लिया।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप आर्य के नेतृत्व में टीम बनाकर संदिग्धों की तलाश की गई। जांच के दौरान संदेही निखिल साहू (19 वर्ष) निवासी अशोक नगर सरकंडा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने तीन नाबालिग साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के तांबे के बर्तन, पूजा सामग्री, कपड़े और साउंड बॉक्स सहित करीब 40 हजार रुपये का मशरूका बरामद कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जबकि तीनों नाबालिगों के विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने इस मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 331(4), 305(ए) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
