

प्रेम संबंध बनाकर पहले तो प्रेमिका का विश्वास जीता और फिर भविष्य में शादी की बात कह कर युवक अपनी हवस पूरी करने लगा, लेकिन युवती की रिपोर्ट पर सरकंडा पुलिस ने दीनदयाल कॉलोनी, मंगला निवासी 21 वर्षीय गौरव दुबे को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया है।
दरअसल पीड़ित युवती बिलासपुर में किराए का मकान लेकर पढ़ाई कर रही है । कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसकी जान पहचान दीनदयाल कॉलोनी मंगला निवासी 21 वर्षीय गौरव दुबे से हुई। दोनों की बीच दोस्ती और बातचीत होने लगी। इसी दौरान गौरव ने प्रेम का इजहार किया और युवती को विश्वास में लेकर भविष्य में उससे शादी करने का वादा किया । लड़की उसके झांसे में आ गई और दोनों के बीच शारीरिक संबंध बनने लगे। इस प्रक्रिया से युवती गर्भवती हो गई तो गौरव दुबे ने खुद ही दवा खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया, लेकिन युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाना जारी रखा। मगर जब भी युवती शादी की बात कहती तो गौरव दुबे टाल देता। लड़की को जब गौरव दुबे के इरादे का साफ पता चल गया तो उसने सरकंडा थाने में बलात्कार की शिकायत दर्ज कर दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपो को सही पाया और फिर टीम ने गौरव दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है ।
इस मामले में भले ही आरोपी गौरव दुबे गिरफ्तार हो गया हो लेकिन यह पूरा मामला मॉर्डन युवतियों के लिए किसी सबक से कम नहीं है। केवल शादी के वायदे के भरोसे अपना जिस्म किसी को सौंप देना कहां की अकलमंदी हुई। सनातन सभ्यता में दैहिक संबंध विवाह के बाद ही स्थापित होते हैं। अगर युवतियों को अपना मान सम्मान और प्यार पाना है तो उन्हें शादी तक इसके लिए रुकना होगा, नहीं तो फिर इसी तरह वह झांसे में आती रहेंगी और अपना सर्वस्व लुटाती रहेंगी।
