

बिलासपुर।
प्रदेश में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को अब चालान पटाने के लिए कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य के सभी पांच संभाग — बस्तर संभाग, बिलासपुर संभाग, दुर्ग संभाग, रायपुर संभाग और सरगुजा संभाग — में वर्चुअल कोर्ट की शुरुआत कर दी गई है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के अनुसार जगदलपुर (बस्तर), बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर और अंबिकापुर (सरगुजा) के चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट को वर्चुअल कोर्ट का जज नामांकित किया गया है। ये न्यायिक अधिकारी अपने नियमित कार्यों के साथ ट्रैफिक चालान प्रकरणों की ऑनलाइन सुनवाई भी करेंगे।
5 जिलों के सीजेएम को अतिरिक्त जिम्मेदारी
बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, सक्ती, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के मामलों की सुनवाई बिलासपुर के सीजेएम करेंगे।
इसी तरह बस्तर संभाग के बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और सुकमा जिलों के मामले जगदलपुर सीजेएम देखेंगे। दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के मामलों की सुनवाई दुर्ग सीजेएम करेंगे।
रायपुर संभाग में रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद जिलों के प्रकरण रायपुर सीजेएम के अधीन होंगे। वहीं सरगुजा संभाग के सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों के मामलों की सुनवाई अंबिकापुर स्थित सीजेएम करेंगे।
पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत चालान निपटान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी। वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर चालान की सूचना और पोर्टल लिंक भेजा जाएगा। पोर्टल पर वाहन नंबर या चालान नंबर दर्ज करते ही मामले का विवरण स्क्रीन पर उपलब्ध होगा।
यदि वाहन मालिक अपनी गलती स्वीकार करता है तो ‘दोष स्वीकार’ विकल्प चुनकर निर्धारित जुर्माना राशि ऑनलाइन जमा कर सकता है। इस प्रक्रिया से समय, धन और श्रम की बचत होगी तथा न्यायिक प्रक्रिया भी सरल और सुगम बनेगी।
इस नई व्यवस्था से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, साथ ही ट्रैफिक नियमों के पालन को भी बढ़ावा मिलेगा।
