
शशि मिश्रा

बिलासपुर में एक बार फिर अवैध धर्मांतरण का मामला सामने आया है। सरकंडा थाना क्षेत्र के माता चौरा में प्रार्थना सभा के नाम पर ईसाई मिशनरियों द्वारा अवैध धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा था। इसकी सूचना भगवा ब्रिगेड को मिली, जिसने पुलिस और प्रशासन को सूचित किया । भगवा ब्रिगेड के लोग ठाकुर राम सिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचे तो पाया कि यहां एक मकान में प्रार्थना सभा की आड़ में चंगाई सभा आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय हिन्दू महिलाएं और बच्चे शामिल थे, जिनका इलाज कथित हॉली वॉटर से किया जा रहा था।

ठाकुर राम सिंह ने आरोप लगाया कि बिलासपुर में वैसे तो 85% तक अवैध धर्मांतरण के मामले थम गए हैं लेकिन अब भी इस तरह की गतिविधियां पूरी तरह नहीं रुकी है। सरकंडा क्षेत्र में विधायक के निवास के बेहद करीब साहू समाज के कुछ लोगों द्वारा अवैघ मतांतरण का खेल खेला जा रहा था। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रार्थना सभा में अधिकांश हिंदू महिलाएं मौजूद मिली, जिनके साथ बच्चे भी थे। इनकी संख्या 40 से अधिक थी। हालांकि पुलिस और हिंदू संगठन के लोगों को देखकर भीड़ तितरबितर हो गई और सब अपने-अपने घरों में दुबक गए। अवैध धर्मांतरण की कोशिश करने वाले भी मौके का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। शिकायत के बाद पुलिस अब ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है।
अवैध धर्मांतरण का विरोध कर रहे अभिषेक शर्मा ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आईएमए ने बाबा रामदेव और आयुर्वेद की चिकित्सा पद्धति पर तो सवाल उठाया था लेकिन वे इस तरह कथित हॉली वॉटर से किए जाने वाले इलाज पर कभी सवाल नहीं खड़े करते। तो वहीं ठाकुर राम सिंह ने कहा कि अगर इस जल से लोगों का इलाज संभव है तो ऐसे इलाज करने वाले सिम्स और जिला अस्पताल जाकर वहां भर्ती मरीजों का इलाज क्यों नहीं कर रहे ? उन्होंने कहा कि इसी तरह से कभी इलाज तो कभी धन का प्रलोभन देकर भोले भाले लोगों को धर्मांतरित किया जा रहा है। उन्होंने एक बार फिर अवैध धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून न होने पर भी दुख जताया है और कहा कि जब तक प्रदेश में अवैध धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून नहीं होंगे तब तक इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक संभव नहीं होगी।
एक लंबे अरसे बाद बिलासपुर शहर में अवैध धर्मांतरण का मामला सामने आया है और इस बार भी इसका खुलासा हिंदू संगठनों ने ही किया। देखना होगा कि पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है क्योंकि अवैध धर्मांतरण से केवल किसी का मतांतरण ही नहीं होता बल्कि पूरी डेमोग्राफी चेंज हो जाती है और सत्ता समीकरण बदल जाता है जो राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में बेहद चिंता का विषय है।
