

बिलासपुर। शहर के राजकिशोर नगर, व्यापार विहार, ट्रांसपोर्ट नगर सहित कई कॉलोनियों के करीब 5713 रहवासी पिछले 25 वर्षों से दोहरे आर्थिक बोझ का सामना कर रहे हैं। एक ही भूखंड पर नगर निगम द्वारा संपत्ति कर वसूला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भू-भाटक (लीज रेंट) भी लिया जा रहा है। रहवासियों का आरोप है कि एक संपत्ति पर दो तरह के कर की वसूली मध्यमवर्गीय परिवारों के साथ अन्याय है।
नागरिकों का कहना है कि वर्ष 2001 में इन क्षेत्रों को निगम सीमा में शामिल किया गया था। तब से संपत्ति कर नियमित रूप से लिया जा रहा है, लेकिन जमीन फ्री होल्ड न होने के कारण लीज रेंट भी जारी है। लोगों का सवाल है कि जब वे निगम की सभी सुविधाओं के लिए टैक्स दे रहे हैं, तो अलग से भू-भाटक लेने का औचित्य क्या है।
करोड़ों की अतिरिक्त वसूली
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार 5,713 आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों से सालाना लगभग 2.60 करोड़ रुपए भू-भाटक के रूप में वसूले जा रहे हैं।
1500 वर्ग फीट के आवासीय भूखंड पर करीब 7,700 रुपए तक भू-भाटक लिया जा रहा है।
5600 वर्ग फीट की दुकान पर लगभग 12 हजार रुपए तक की वसूली की जा रही है।
इसके अलावा, 1000 से 1500 वर्ग फीट के कई मकान निगम की मंजूरी के बिना बने होने की भी जानकारी सामने आई है।
यहां देना पड़ रहा डबल टैक्स
व्यापार विहार – 1678
राजकिशोर नगर – 1413
यदुनंदन नगर – 1324
ट्रांसपोर्ट नगर – 592
नर्मदा नगर – 448
गोकुल नगर (व्यावसायिक) – 116
पत्रकार कॉलोनी – 48
नूतन इन्क्लेव – 23
माधव कॉम्प्लेक्स – 16
मगध नगर – 44
नवीनीकरण शुल्क में 300% वृद्धि
बिलासपुर विकास प्राधिकरण द्वारा इन योजनाओं को 30 वर्ष की लीज पर आवंटित किया गया था। समय पर नवीनीकरण न कराने पर पहले 1 हजार रुपए का जुर्माना लगता था, जिसे अब एमआईसी की स्वीकृति के बाद बढ़ाकर 3 हजार रुपए कर दिया गया है। इससे रहवासियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
क्या कहते हैं रहवासी
राजकिशोर नगर निवासी शशि मिश्रा ने कहा कि वे 25 वर्षों से दोहरा कर समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
ट्रांसपोर्ट नगर के सुरेश मिश्रा का कहना है कि एक ही संपत्ति पर दो बार कर लेना अनुचित है। उन्होंने डिप्टी सीएम और महापौर से इस व्यवस्था को तत्काल बंद करने की मांग की है।
सुविधाओं का अभाव
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दोहरे टैक्स के बावजूद कई इलाकों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं अधूरी हैं। कई बार शिकायत और पत्राचार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मेयर का बयान
महापौर पूजा विधानी ने कहा कि कुछ लोग एक प्रकार का टैक्स लेने की मांग को लेकर उनके पास आए थे। इस मुद्दे पर एमआईसी में चर्चा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोहरे कर और बढ़े हुए नवीनीकरण शुल्क से परेशान नागरिक अब ठोस निर्णय और राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
