गरीबों के मकान तक जाने वाले रास्ते पर लगा गेट तोड़ा जाएगा

शशि मिश्रा

अशोक नगर सरकंडा स्थित ड्रीम इनक्लेव कॉलोनी में गरीबों के मकान तक जाने वाले रास्ते को बंद कर लगाया गया गेट तोड़ा जाएगा। निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा है कि ले आउट में जो रास्ता स्वीकृत है उसी हिसाब से काम होगा। कालोनी के पीछे गेट में जो ताला लगाया गया है उसे तोड़ा जाएगा। इधर इस बारे में कालोनी के बिल्डर गौरव तिवारी की ओर से कहा गया है कि ले आउट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। कालोनीवासियों को पूरी जानकारी पहले ही दे दी गई थी और लेआउट में जो त्रुटी है वह लिपिकीय है। इसमें सुधार के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के साथ ही निगम में आवेदन भी दे दिया गया है।

दरअसल ड्रीम इनक्लेव एक पूर्ण विकसित कॉलोनी है।

ध्यान रहे कि निगम द्वारा कॉलोनी के पिछले हिस्से में निर्मित ईडब्ल्यूएस (अटल आवास) भवन के आबंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, वहां तक पहुंचने के लिए अलग मार्ग और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। निगम के मुताबिक 25 फिट का रास्ता इसके लिए अलग से बनाया गया है लेकिन कुछ लोगों ने इस रास्ते पर गेट लगाकर इसे बंद कर दिया गया है। इस कारण इन लोगों को परेशानी हो रही है। अब निगम ने इस गेट को तोड़ने का फैसला किया है। खास बात है कि ईडब्ल्यूएस भवन निर्माण के समय से ही पानी की आपूर्ति कॉलोनी की टंकी से की जा रही है।

यहां कुल 37 मकान बनाए गए हैं। कॉलोनीवासियों के अनुसार बिल्डर द्वारा अतिरिक्त विकास के लिए निगम को वांछित राशि भी जमा की जा चुकी है, ऐसे में कॉलोनी के अग्रिम विकास, रख-रखाव और मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी अब नगर निगम की है। यहां के लोगों ने बताया कि “ड्रीम इनक्लेव आवासीय सहकारी समिति मर्यादित” (पंजीयन क्रमांक 768) का गठन भी किया है।

सरकंडा के खसरा नंबर पर बनी है कालोनी

मामले में बिल्डर गौरव तिवारी के मुताबिक पूरी कालोनी सरकंडा की खसरा नंबर 299/1, 301, 302/1, 394/11 और 395/10 में कुल 2.29 एकड़ पर बनी है। इसी आधार पर लेआउट भी पास कराया गया है। नियमों के मुताबिक कालोनी में चौड़ी सड़कों के साथ नाली बनाई गई हैं तो गार्डन और दूसरी सुविधाएं हैं। कालोनीवासियों को इस बात की जानकारी भी दी गई थी कि पीछे में ईडब्ल्यूएस के मकान बनाए जा रहे और इसके लिए अलग से 25 फिट का रास्ता बनाया गया है। 2021 में कालोनी का निर्माण पूरा करते हुए लोग वहां शिफ्ट भी हो गए हैं। अब चार साल बाद इस तरह का विरोध गलत है।

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