

बिलासपुर। यातायात पुलिस बिलासपुर ने 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली लोक अदालत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत लंबित प्रकरणों की सुनवाई और निराकरण की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में वाहन चालकों को मोबाइल मैसेज के माध्यम से सूचना भेजी जा रही है और प्रकरणों का रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देश पर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिले में स्थापित इंटेलिजेंट ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम (आईटीएमएस) के माध्यम से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को सीधे मोबाइल पर ई-चालान का एसएमएस भेजा जा रहा है। साथ ही पोस्ट ऑफिस के जरिए चालान की प्रति उनके पंजीकृत पते पर भेजी जा रही है।
तीन माह पूर्व तक के प्रकरण होंगे शामिल
यातायात पुलिस के अनुसार, 14 मार्च को आयोजित लोक अदालत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दर्ज प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। इसके लिए 14 मार्च 2026 से तीन माह पूर्व तक के सभी लंबित मामलों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है, जिन्हें लोक अदालत में भेजा जाएगा।
ऐसे सभी वाहन चालक जिनके खिलाफ चालान लंबित हैं, उन्हें यातायात पुलिस कार्यालय पहुंचकर शीघ्र रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की गई है, ताकि प्रकरणों का समय पर निराकरण हो सके।
नहीं कराया निराकरण तो होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि वाहन चालक अपने प्रकरणों का निराकरण नहीं कराते हैं, तो मामलों को माननीय न्यायालय से आरटीओ कार्यालय भेजा जा सकता है। ऐसी स्थिति में लाइसेंस का निलंबन या निरस्तीकरण नियमानुसार किया जाएगा।
इसके अलावा, लंबित मामलों में वाहनों की जप्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है और संबंधित सेवाओं पर प्रभाव पड़ सकता है।
लगातार भेजे जा रहे मैसेज
जिन वाहन चालकों ने अब तक ई-चालान का भुगतान नहीं किया है और जिनके मामले न्यायालय में स्थानांतरित हो चुके हैं, उन्हें 14 मार्च की लोक अदालत में उपस्थित होकर निराकरण कराने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर लगातार मैसेज भेजे जा रहे हैं, ताकि तिथि और प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय में अपने प्रकरणों का समाधान करा लें, जिससे आगे की विधिसम्मत कार्रवाई से बचा जा सके और वाहन संबंधी सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
