

बिलासपुर। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने 8 महीने पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में मृतक की पहचान ग्राम नरगोड़ा निवासी 25 वर्षीय राजेंद्र सूर्यवंशी के रूप में हुई थी। पुलिस ने लूट के उद्देश्य से हत्या करने का खुलासा किया है।
चेक डैम के नीचे मिला था शव
जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई 2025 को अरपा नदी स्थित चेक डैम के नीचे एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। बाद में शव की पहचान राजेंद्र सूर्यवंशी के रूप में हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डायटम रिपोर्ट, विसरा जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर हत्या की पुष्टि होने पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 122/2026 के तहत धारा 103(1), 309(6), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
लूट के लिए की हत्या
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने दो संदेहियों—
विकास उर्फ भोले केवट (20 वर्ष)
शनि उर्फ छोटू गंधर्व (20 वर्ष)
को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सीएसपी गगन कुमार और थाना प्रभारी देवेश सिंह राठौर द्वारा की गई मनोवैज्ञानिक पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि घटना के दिन वे पचड़ी घाट डैम के दूसरे छोर पर शराब सेवन कर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मृतक को अकेले बैठे देखा और उसके पास मोबाइल व नगदी होने की आशंका में लूट की नीयत से मारपीट की। विरोध करने पर गंभीर रूप से पीटा, जिससे वह अचेत हो गया।
साक्ष्य मिटाने नदी में फेंका
पुलिस के अनुसार, साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने मृतक को पुल की रेलिंग से नीचे नदी में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी मृतक का मोबाइल और नगदी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने लूटा गया मोबाइल बरामद कर लिया है।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण और सतत जांच के चलते इस अंधे कत्ल का खुलासा संभव हो सका।
