

बिलासपुर। शहर की पॉश कॉलोनियों में रिहायशी मकानों में संचालित कथित ओयो होटलों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गीतांजलि सिटी और देवनंदन नगर के बाद अब महामाया विहार कॉलोनी के रहवासियों ने भी एक मकान में चल रहे ओयो होटल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कॉलोनीवासियों ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
रहवासियों के अनुसार, वेयर हाउस रोड स्थित महामाया विहार आवासीय लेआउट के प्लॉट क्रमांक 18 और 19 पर बने मकान में पिछले कुछ महीनों से ओयो होटल का संचालन किया जा रहा है। शिकायत में बताया गया है कि यह लेआउट मप्र शासन के आदेश क्रमांक 5441/6/82/भोपाल, दिनांक 7 दिसंबर 1982 के तहत आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत है, इसके बावजूद भवन का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित भवन एक राजनीतिक दल से जुड़े नेता का है, जिसे किराए पर दिया गया है। वहीं संचालन में दूसरे दल से जुड़े लोगों की भूमिका बताई जा रही है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि होटल संचालन के कारण सुबह से देर रात तक बाहरी लोगों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों को असहजता होती है और कॉलोनी का माहौल प्रभावित हो रहा है।
रहवासियों ने निगम प्रशासन से उक्त होटल को तत्काल बंद कर सील करने की मांग की है। उनका यह भी आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण इस मामले में अब तक कार्रवाई नहीं की गई।
इस संबंध में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा है कि पॉश कॉलोनियों में आवासीय मकानों का व्यावसायिक उपयोग नियम विरुद्ध है। महामाया विहार में संचालित ओयो होटल की जानकारी लेकर जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले नगर निगम प्रशासन गीतांजलि सिटी और देवनंदन नगर में संचालित ओयो होटलों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर चुका है। ऐसे में महामाया विहार के रहवासी भी समान कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
