

बिलासपुर।
तारबाहर थाना क्षेत्र के विनोबा नगर में एक हफ्ते से बंद पड़े मकान के भीतर एक युवक की संदिग्ध हालत में लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक का शव बेड पर औंधे मुंह पड़ा था और उसके मुंह से खून निकला हुआ था, जो चेहरे तक फैल गया था। बदबू आने पर पड़ोसियों को घटना की जानकारी हुई।
मृतक की पहचान प्रदीप जायसवाल (42) पिता मेवालाल जायसवाल के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मध्यप्रदेश के अमलाई का रहने वाला था और पिछले करीब पांच साल से विनोबा नगर, मैग्नेटो मॉल के पास सांई मंदिर के सामने दिनेशकांत पांडेय के मकान में किराए से रह रहा था। पुराना बस स्टैंड के पास उसकी ‘मास्टर प्रिंटर’ नाम से प्रिंटिंग की दुकान है।
सोमवार को दुकान में काम करने वाली महिला ने दुकान पहुंचकर दरवाजा खटखटाया, लेकिन भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। एक दिन पहले भी यही स्थिति थी। शक होने पर उसने आसपास के लोगों को जानकारी दी। इसके बाद एक युवक को मकान भेजा गया। दरवाजा धक्का देने पर खुल गया, क्योंकि भीतर से सिटकनी नहीं लगी थी। कमरे से तेज बदबू आ रही थी। अंदर देखा तो प्रदीप बेड पर मृत अवस्था में पड़ा था।
सूचना मिलने पर तारबाहर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मृतक के शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन मुंह से खून निकलने के कारण मौत संदिग्ध प्रतीत हो रही है। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पोस्टमार्टम मंगलवार को कराया जाएगा।
चचेरे भाई से 3 फरवरी को हुई थी आखिरी बातचीत
मृतक के चचेरे भाई दिवस जायसवाल, निवासी गीतांजली सिटी फेस-वन ने बताया कि 3 फरवरी की रात उसकी प्रदीप से फोन पर बात हुई थी। उस दौरान प्रदीप फोन तो उठा रहा था, लेकिन ठीक से बोल नहीं पा रहा था। उसे लगा कि वह नशे में होगा। इसके बाद से उसका मोबाइल लगातार बंद आ रहा था।
स्कूटी की डिक्की में मिला मोबाइल
पुलिस को प्रदीप का मोबाइल उसकी स्कूटी की डिक्की में मिला, जो स्विच ऑफ था। स्कूटी भी कमरे के भीतर ही खड़ी थी। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। शहर में ही उसकी मां और दो भाई रहते हैं, लेकिन प्रदीप का उनसे ज्यादा संपर्क नहीं था।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
