

बिलासपुर।
रेलवे के कोचिन डिपो में अनुपयोगी कबाड़ को कला में ढालते हुए भगवान बुद्ध की 10 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा तैयार की गई है। इस अनोखी कलाकृति को बनाने में रेलवे के खराब पड़े करीब 3500 लॉकिंग प्लेट और 400 स्प्रिंग के टुकड़ों का उपयोग किया गया है।
प्रतिमा का निर्माण वरिष्ठ कोचिन डिपो अधिकारी बलराम साहू और वरिष्ठ अनुभाग अभियंता राजू सोनकुसले के निर्देशन में किया गया। रेलवे के कलाकार अशोक देवांगन ने अपनी चार सदस्यीय टीम के साथ मिलकर इस कलाकृति को अंतिम रूप दिया। टीम में रेलवे कर्मी महेश कौशल, घनश्याम, संतोष और राजकुमार पटेल शामिल रहे। प्रतिमा को तैयार करने में लगभग 15 से 20 दिन का समय लगा।
अशोक देवांगन इससे पहले भी रेलवे स्क्रैप से देशभर के विभिन्न रेलवे कारखानों में भगवान गणेश, दुर्गा, विश्वकर्मा, इंडिया गेट, गेटवे ऑफ इंडिया, ताजमहल, कुतुबमीनार और ‘मेक इन इंडिया’ का विशाल लोगो सहित सैकड़ों कलाकृतियां तैयार कर चुके हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पहल न सिर्फ रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि अनुपयोगी सामग्री को रचनात्मक उपयोग में लाकर कला और श्रम की शक्ति को भी दर्शाती है। बुद्ध प्रतिमा को देखकर डिपो कर्मियों और आगंतुकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
