
यूनुस मेमन

बिलासपुर।
नेशनल हाईवे-130 पर रविवार तड़के सामने आई कार लूट की सनसनीखेज वारदात की सच्चाई सामने आ गई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मामला फिल्मी लूट का नहीं, बल्कि तंत्र-मंत्र के नाम पर हुई ठगी और बदले की कार्रवाई से जुड़ा है। बिल्हा क्षेत्र में एक फर्जी तांत्रिक ने चार लोगों से ढाई लाख रुपए ठग लिए थे, जिसके बाद बदले की भावना से लूट की घटना को अंजाम दिया गया।
कोरबा के दीपका निवासी विजय कुमार राज ने रतनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह तीन महिलाओं के साथ बिल्हा से लौट रहा था। रविवार रात करीब 3:35 बजे, रतनपुर के एक ढाबे के पास टॉयलेट के लिए कार रोकते ही एक सफेद क्रेटा और हरे रंग की अर्टिगा वहां आकर रुकी। इनमें सवार चार युवकों ने मारपीट कर उनकी स्विफ्ट डिजायर कार, तीन मोबाइल और करीब 8 हजार रुपए नकद लूट लिए और अंबिकापुर की ओर फरार हो गए।
सरगुजा–कोरिया से चार आरोपी गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने सरगुजा और कोरिया जिलों से चार आरोपियों —
विद्यादास महंत (43), रामसुंदर (32) निवासी कोरिया, राजीव सिंह (37) निवासी बैकुंठपुर और गुलशन कुजूर (47) निवासी चरचा कॉलरी — को गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया।
2.5 लाख को ढाई करोड़ बनाने का दिया था झांसा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि विजय कुमार राज ने खुद को तांत्रिक बताते हुए तंत्र-विद्या और विशेष पूजा-पाठ से 2.5 लाख रुपए को ढाई करोड़ बनाने का झांसा दिया था। इसी झांसे में आकर चारों ने उसे 2.5 लाख रुपए दे दिए।
जब लंबे समय तक कोई लाभ नहीं हुआ और पैसे वापस मांगे गए, तो विजय टालमटोल करने लगा। इसी से नाराज होकर चारों ने उसका पीछा किया और नुकसान की भरपाई के इरादे से लूट की वारदात को अंजाम दिया।
दोनों पक्षों पर होगी कार्रवाई
मामले का खुलासा करते हुए एएसपी (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने बताया कि तांत्रिक ने थाने में सिर्फ लूट की कहानी पेश की थी, लेकिन जांच में वह खुद भी आरोपी पाया गया।
पुलिस ने बिल्हा थाने में तांत्रिक और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है, वहीं रतनपुर थाने में चारों युवकों के खिलाफ लूट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई कर रही है।
