

बिलासपुर।
शहर में साइबर ठगों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। अलग–अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर ठग कुछ ही मिनटों और घंटों में बैंक खाते खाली कर दे रहे हैं। बीते दिनों बिलासपुर में सामने आई साइबर ठगी की तीन घटनाएं आम लोगों के लिए गंभीर चेतावनी हैं।
100 मिनट में 6 किस्तों में 2.50 लाख पार
नागदौने कॉलोनी निवासी युवक शुभम के साथ साइबर ठगों ने महज 100 मिनट में बड़ी ठगी को अंजाम दिया। पीड़ित का बैंक ऑफ बड़ौदा खाता यूपीआई के जरिए खाली कर दिया गया।
शनिवार रात 9 बजे शुभम के मोबाइल पर पहला मैसेज आया, जिसमें 32,132 रुपए कटने की सूचना थी। इसके बाद पेटीएम और टाटा पे जैसे पेमेंट ऐप्स के जरिए छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन किए गए।
रात 10.37 बजे तक कुल 6 बार में करीब 2.50 लाख रुपए खाते से निकाल लिए गए। ठगों ने सबसे बड़ा ट्रांजेक्शन 99,908 रुपए, एक बार 51 हजार और तीन बार 32 हजार से अधिक की रकम निकाली।
सिविल लाइन पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ट्रेन मैनेजर का मोबाइल हैक, चार दिन में 1.15 लाख गायब
तोरवा कासिमपारा निवासी मो. मोइनुल हक, जो रेलवे में ट्रेन मैनेजर (गार्ड) हैं, उनके मोबाइल को हैक कर ठगों ने खाते से 1.15 लाख रुपए निकाल लिए।
27 जनवरी को मोबाइल अचानक काम करना बंद हो गया। ठगों ने पहले 19-19 रुपए के दो ट्रांजेक्शन किए, फिर 9,999 और 5,000 रुपए निकालकर पहले ही दिन करीब 55 हजार पार कर दिए।
28 से 31 जनवरी के बीच रोजाना 5,000 से 20,000 रुपए की निकासी होती रही। मोबाइल खराब होने के कारण पीड़ित को शक नहीं हुआ। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर ठगी का खुलासा हुआ। तोरवा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
1 रुपए में एप डाउनलोड करते ही 6.83 लाख साफ
तोरवा धानमंडी रोड निवासी गृहिणी अनिता साहू के साथ ठगों ने ट्रैफिक चालान के नाम पर जीवनभर की जमा पूंजी लूट ली।
29 जनवरी को परिवहन विभाग के नाम से आए फर्जी मैसेज में 2 हजार रुपए के चालान की जानकारी दी गई। चालान देखने के लिए एप डाउनलोड कराने के नाम पर सिर्फ 1 रुपए का भुगतान कराया गया।
जैसे ही भुगतान हुआ, फोन का एक्सेस ठगों के पास चला गया। इसके बाद शाम 5:30 से रात 8:30 बजे के बीच 17 ट्रांजेक्शन कर पंजाब नेशनल बैंक खाते से 6 लाख 83 हजार 807 रुपए निकाल लिए गए। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस की अपील — रहें सतर्क
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
फर्जी चालान, केवाईसी अपडेट या एप डाउनलोड के मैसेज से सावधान रहें
ओटीपी, पिन या फोन एक्सेस किसी से साझा न करें
संदिग्ध गतिविधि दिखते ही तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दें
साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। थोड़ी सी सतर्कता लाखों की बचत कर सकती है।
