

मुंगेली।
मुंगेली पुलिस को वाहन चोरी के मामलों में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 01 ट्रैक्टर और 07 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। इस कार्रवाई में 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई है। जब्त वाहनों की कुल कीमत लगभग 4 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में की गई। चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा लॉन्च किए गए “सशक्त ऐप” की मदद से चोरी गए वाहनों की जानकारी तत्काल प्राप्त की गई, जिससे आरोपियों तक पहुंचना आसान हुआ।
ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट से खुला पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोरमी निवासी कुंजबिहारी तिवारी ने थाना लोरमी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका महेन्द्रा युवो 275 डीआई ट्रैक्टर, जिसे गायत्री मंदिर के पास खड़ा किया गया था, 11-12 जनवरी की दरम्यानी रात चोरी हो गया। इस मामले में पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की।
जांच के दौरान सायबर सेल को सूचना मिली कि ग्राम हरदीडीह निवासी दिलेश सप्रे एक पुराना ट्रैक्टर बेचने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथियों पवन जगत, मनीष साहू, देवप्रसाद बर्मन एवं एक अपचारी बालक के साथ मिलकर ट्रैक्टर और कई मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया।

मेलों व अलग-अलग स्थानों से की गई थीं वाहन चोरियां
आरोपियों ने बघमार मेला, मुंगेली व्यापार मेला सहित अन्य स्थानों से मोटरसाइकिल चोरी करने की बात भी कबूल की। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 01 ट्रैक्टर, 07 मोटरसाइकिल तथा घटना में प्रयुक्त 01 मोटरसाइकिल को विधिवत जप्त किया।
इन थानों में दर्ज हैं मामले
आरोपियों के विरुद्ध थाना लोरमी, सिटी कोतवाली मुंगेली एवं थाना फास्टरपुर में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत विभिन्न अपराध क्रमांकों में प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस की अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल ने आम नागरिकों एवं व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या चौकी को दें तथा घरों व दुकानों में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाएं।
इस संपूर्ण कार्रवाई में सायबर सेल एवं लोरमी, कोतवाली व फास्टरपुर पुलिस की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही।

