

बिलासपुर। बिजली विभाग द्वारा अपनी स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर 30 जनवरी से विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के पहले दिन चिल्हाटी, पचपेड़ी, सीपत, सकरी और खम्तराई में शिविर लगाए गए, जहां उपभोक्ताओं को विभाग की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी गई।
शिविरों के दौरान जैसे ही अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर की खूबियों पर जानकारी देना शुरू किया, वैसे ही स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने सवालों की झड़ी लगा दी। सबसे अधिक सवाल स्मार्ट मीटर को लेकर ही पूछे गए। बच्चों और ग्रामीणों ने अधिकारियों से सीधा सवाल किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली का बिल ज्यादा क्यों आ रहा है।
इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिल में वृद्धि नहीं हुई है, बल्कि इससे मीटर रीडिंग में होने वाली गड़बड़ी और बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगी है। अधिकारियों के अनुसार, जिन क्षेत्रों से अधिक बिल आने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, वहां संबंधित स्मार्ट मीटरों की जांच कराई गई और जहां गड़बड़ी पाई गई, वहां तत्काल सुधार भी किया गया है।
पीएम सूर्य घर योजना पर भी उठे सवाल
शिविरों में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को लेकर भी जिज्ञासा दिखाई। ग्रामीणों ने पूछा कि क्या वास्तव में इस योजना से बिजली बिल में राहत मिलती है। इस पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के तहत सोलर सिस्टम लगवाने वाले कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य तक आ गया है, जबकि अन्य उपभोक्ताओं को भी उल्लेखनीय राहत मिल रही है।
6 फरवरी तक लगेंगे शिविर
बिजली विभाग ने बताया कि यह जनजागरूकता अभियान 6 फरवरी तक जारी रहेगा। इस दौरान जिले के विभिन्न वितरण केंद्रों में शिविर लगाए जाएंगे, जहां उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जाएगा और योजनाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
बिजली विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को योजनाओं की सही जानकारी देना, भ्रम दूर करना और पारदर्शिता के साथ बेहतर सेवा उपलब्ध कराना है।
