
शशि मिश्रा
भारी विवादों के बीच पांचवीं और आठवीं की परीक्षा सोमवार से शुरू हुई। पहले दिन पांचवी की परीक्षा ली गई। इसमें कई सेंटरों में प्रश्न पत्र नहीं पहुंचने और देर से पहुंचने की शिकायत मिली। हालांकि शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने व्यवस्था तत्काल करने की बात कही है। ध्यान रहे कि इस साल पांचवीं की परीक्षा में 32 हजार 738 छात्र तो 8 वीं में 31 हजार 499 छात्र शामिल हो रहें हैं। इससे पहले इन दोनों परीक्षाओं में सीबीएसई बोर्ड की पढ़ाई और सीजी बोर्ड की परीक्षा को लेकर भारी विवाद की स्थिति सामने आई है। शिक्षा विभाग ने मामले में जांच कमेटी बनाने की बात कही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी शिक्षा विभाग और स्कूलों से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
जिले में 5 वीं और 8 वीं बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। पहले दिन पांचवीं की हिंदी की परीक्षा हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों ने प्रश्नपत्र को संतुलित और पाठ्यक्रम के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा
सीबीएसई और सीजी बोर्ड का निपटारा करने कलेक्टर ने बनाई कमेटी
कहीं देर से तो कहीं पहुंचा ही नहीं प्रश्नपत्र
कि सभी सवाल उनकी पाठ्यपुस्तकों से ही आए थे, जिससे उन्हें हल करने में कोई विशेष कठिनाई नहीं हुई।
ध्यान रहे कि 5वीं की परीक्षा सुबह 9 से 11 बजे और 8 वीं की सुबह 9 से 12 बजे तक होगी। परीक्षा केंद्रों पर नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए उड़नदस्तों की टीम तैनात की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे ने बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है, जिसमें पेयजल, शौचालय और बैठने की उचित व्यवस्था शामिल है।
फेल होने वालों को भी मिलेगा दूसरा मौका
इन दोनों परीक्षाओं की बात है कि जो विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण होंगे, उन्हें पूरक परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। पूरक परीक्षा का आयोजन 1 जून 2026 से किया जाएगा। यदि कोई छात्र पूरक परीक्षा में भी सफल नहीं होता है, तब भी उसे कक्षा उन्नति का लाभदिया जाएगा। इधर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा संचालन या मूल्यांकन में किसी भी स्तर पर लापरवाही, गड़बड़ी या गोपनीयता भंग होने की स्थिति में संबंधित शिक्षक या अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सभी सरकारी स्कूल बनाए गए परीक्षा केन्द्र
इस बार कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीय परीक्षा के लिए राज्य के सभी शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। वहीं सीबीएसई और आईसीएसई से जुड़े स्कूल इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे। संस्कृत और मदरसा बोर्ड से जुड़े विषयों के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की गई है ताकि पाठ्यक्रम के अनुसार परीक्षा हो सके। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर परीक्षा केंद्र में केंद्राध्यक्ष की नियुक्ति पास के दूसरे स्कूल से की गई है। इनकी नियुक्ति विकासखंड शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर जिला स्तरीय संचालन समिति द्वारा की जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर किसी भी तरह की गड़बड़ी या पक्षपात की संभावना को कम किया जा सकेगा।
रात में स्कूल कैंपस में हंगामा
सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई कराने के बाद सीजीबोर्ड से परीक्षा देने के लिए छात्रों को मजबूर करने के मामले में सोमवार की रात पैरेंट्स ने स्कूल कैंपस में हंगामा किया। पैरंट्स ने आरोप लगाया कि रात 8 बजे बच्चों को 17 मार्च की परीक्षा के लिए मैसेज दिया जा रहा है। ऐसे में बच्चे कैसे तैयारी कर सकते हैं। विरोध करने वालों ने स्कूल प्रबंधन पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
