
शशि मिश्रा

बलौदाबाजार-भाटापारा। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाला औद्योगिक हादसा हो गया। भाटापारा अंतर्गत निपानिया स्थित रियल इस्पात स्पंज आयरन फैक्ट्री में कामकाज के दौरान अचानक हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना तेज था कि उसकी गूंज आसपास के कई गांवों तक सुनाई दी, वहीं फैक्ट्री परिसर कुछ ही पलों में आग की लपटों और धुएं के गुबार से घिर गया।
इस भीषण हादसे में 6 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। विस्फोट के बाद फैक्ट्री के भीतर अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बिलासपुर रेफर किया। इन्हें बिलासपुर के मैग्नेटो मॉल के पास स्थित बीटीआरसी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर यह है कि इन पांच गंभीर घायलों में से तीन एक ही परिवार के सदस्य हैं, जिनका भविष्य अब अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विकास और उत्पादन के दावों के बीच गरीब मजदूरों की जान की कीमत क्या है—यह सवाल हादसे के मलबे से उठकर सामने आ गया है।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है, वहीं फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका और सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल की जा रही है।
