

बिलासपुर
मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन और दस्तावेज सत्यापन का गुरुवार अंतिम दिन है। जिले में अब तक करीब 18 हजार लोगों ने नए नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सी कैटेगरी के मतदाता आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कर पाने के कारण परेशान नजर आ रहे हैं। एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत यह प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 22 जनवरी के बाद नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। हालांकि, तारीख बढ़ने को लेकर चर्चाएं तेज हैं और मतदाता आयोग से आज आदेश आने की संभावना जता रहे हैं।
सी कैटेगरी में शामिल मतदाताओं को यह प्रमाणित करना जरूरी है कि वे या उनके माता-पिता वर्ष 2003 के एसआईआर में शामिल थे। इसके लिए जन्मतिथि या जन्मस्थान से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। यदि निर्धारित समय तक दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो भविष्य में मतदाता सूची से नाम हटने और मतदान अधिकार प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
हर 12वां मतदाता सी कैटेगरी में, नाम कटने की चिंता
जिले में एसआईआर का पहला चरण 4 नवंबर से 18 दिसंबर तक चला था। इस दौरान 16 लाख 75 हजार 751 मतदाताओं को गणना पत्रक या फॉर्म वितरित किए गए, जिनमें से 12 लाख 88 हजार 242 फॉर्म डिजिटाइज किए गए। इनमें से 1 लाख 2 हजार 952 मतदाता सी कैटेगरी में आ गए हैं। इस तरह जिले का लगभग हर 12वां मतदाता इस श्रेणी में शामिल है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं ने पहले ही बीएलओ को दस्तावेज जमा कर दिए हैं, उन्हें दोबारा देने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिनके पास प्रमाण नहीं हैं—जैसे घर बदलने वाले, अन्य जिले या राज्य से विवाह कर आई महिलाएं या जिनके दस्तावेज खो चुके हैं—वे सबसे अधिक चिंतित हैं। कई मतदाताओं का कहना है कि उन्हें बीएलओ से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिससे नाम कटने का डर और बढ़ गया है।
फिलहाल सभी की निगाहें निर्वाचन आयोग के फैसले पर टिकी हैं कि दस्तावेज जमा करने की तिथि बढ़ाई जाती है या नहीं।
