
शशि मिश्रा

जांजगीर-चांपा
जिले में अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक ठगी के मामलों में अकलतरा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शेयर मार्केट और रियल स्टेट में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला फरार आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है। वर्ष 2022–23 से सक्रिय इस आरोपी ने बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा सहित आसपास के जिलों में करीब 30 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया था।
थाना अकलतरा में दर्ज प्रकरण के अनुसार, प्रार्थी महेन्द्र कुमार कश्यप, निवासी कामता थाना शिवरीनारायण ने शिकायत दर्ज कराई कि जून 2024 में उसकी जान-पहचान प्रमोद कुमार वैष्णव से हुई। आरोपी ने स्वयं को शेयर मार्केट और रियल स्टेट का कारोबारी बताते हुए हर माह 15 प्रतिशत मुनाफा देने का लालच दिया। विश्वास दिलाने के लिए आरोपी ने अपने नाम का इकरारनामा एवं एचडीएफसी बैंक का ₹10 लाख का चेक भी प्रार्थी को सौंपा।
30 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश, अकलतरा पुलिस ने शेयर–रियल स्टेट फ्रॉड के मास्टरमाइंड को दबोचा महेंद्र ने अपनी बेटी की शादी के लिए धान बेचकर जमा की गई ₹10 लाख की राशि नगद आरोपी को दे दी। कुछ समय बाद आरोपी का मोबाइल बंद आने लगा और वह घर से भी फरार पाया गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इसी तरह कौशल प्रसाद कश्यप से ₹10 लाख तथा हीरा लाल कश्यप, निवासी चोरभट्टी से ₹5 लाख की ठगी की थी। सभी को आरोपी द्वारा चेक और इकरारनामा दिया गया था।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने 10 से 15 अन्य लोगों को भी शेयर मार्केट व रियल स्टेट के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये का चूना लगाया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने कोरबा, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर जिलों में लगभग ₹30 करोड़ की ठगी करना स्वीकार किया।
दो कारें और बाइक जब्त
आरोपी से वेगनआर कार (CG-11-M-8955), एक अन्य कार (CG-11-B-5814) और यामाहा मोटरसाइकिल (CG-11-BL-3379) जप्त की गई है। कुल जप्त संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग ₹20 लाख है। अन्य अर्जित संपत्तियों, भूमि और मकान की विवेचना जारी है। आरोपी प्रमोद कुमार वैष्णव के विरुद्ध धारा 420 भा.दं.सं. के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। इस कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा, थाना प्रभारी अकलतरा एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
