ईदगाह चौक का 25 साल पुराना फूल बाजार व्यापार विहार होगा शिफ्ट, 31 दुकानों और 400 से अधिक कारीगरों की आजीविका जुड़ी


बिलासपुर। शहर के ईदगाह चौक पर पिछले 25 वर्षों से संचालित फूल बाजार को अब व्यापार विहार में शिफ्ट किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। व्यापार विहार में पांच वर्ष पूर्व पौनी पसारी योजना के तहत करीब 26 लाख रुपये की लागत से सब्जी बाजार बनाया गया था, जो अब तक वीरान पड़ा है। निगम का कहना है कि उसी स्थान पर फूल बाजार को व्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए शेड, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
इधर फूल व्यापारियों का कहना है कि इस बाजार से 31 दुकानें और 400 से अधिक कारीगर व श्रमिकों की आजीविका जुड़ी हुई है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें सुविधाजनक और शहर के बीच किसी स्थान पर स्थायी रूप से गुमटी या दुकानें दी जाती हैं, तो वे शिफ्ट होने के लिए तैयार हैं। व्यापारियों का कहना है कि बार-बार बाजार को हटाना और स्थान बदलना उचित नहीं है।
फूल व्यापारी राजकुमार यादव ने बताया कि यह बाजार करीब 25 साल पुराना है और यहां वर्षों से ग्राहकों का भरोसा बना हुआ है। ग्राहक सुबह से देर रात तक यहां फूल, माला, बेलपान, दूबी, धतूरा, बेल फल, मोंगरा, मदार और गेंदे के फूलों के हार खरीदने पहुंचते हैं। इसी कारण इस स्थान से व्यापारियों का भावनात्मक जुड़ाव भी है। हालांकि प्रशासन के निर्णय का सम्मान करते हुए व्यापारी सुविधाएं मिलने पर स्थान परिवर्तन को तैयार हैं।
फूल व्यापारी संघ के अध्यक्ष रॉकी सैनी सहित अन्य व्यापारियों ने नगर निगम से व्यवस्थित दुकानें, पर्याप्त पार्किंग और सामुदायिक शौचालय की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान में पार्किंग की कमी के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है। दूल्हा गाड़ियों और बाहकों के वाहनों के सड़क पर खड़े होने से आम लोगों को परेशानी होती है। साथ ही पुरानी दुकानों की हालत जर्जर हो चुकी है, इसलिए नई और सुरक्षित दुकानों की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि जेल चौक क्षेत्र में फूल बाजार वर्ष 2001 से लग रहा है। इससे पहले यह बाजार गोलबाजार चौक में संचालित होता था, लेकिन बढ़ती भीड़ को देखते हुए निगम ने इसे मिशन अस्पताल के पीछे जेल चौक मार्ग पर शिफ्ट किया था। तब से लेकर अब तक 31 व्यापारी लगातार यहीं व्यवसाय कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं कर सका है, जबकि यह बाजार शहर ही नहीं आसपास के क्षेत्रों के लोगों की जरूरतों का भी केंद्र बन चुका है।
व्यापारियों ने निगम से मांग की है कि नए स्थान पर यदि बाजार को स्थायी, सुविधाजनक और व्यवस्थित रूप दिया जाता है, तो वे निर्धारित शुल्क देने के लिए भी तैयार हैं, ताकि सैकड़ों परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके।

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