

बिलासपुर।
शहर में अमृत मिशन योजना के तहत बहुप्रतीक्षित जलापूर्ति एक बार फिर तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ गई। मंगलवार को घरों तक पानी पहुंचाने से पहले किए गए ट्रायल के दौरान अशोक नगर क्षेत्र में मेन पाइप लाइन का टेक्निकल जॉइंट तेज प्रेशर के कारण फट गया। इससे पूरे दिन मरम्मत कार्य चलता रहा और पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। देर शाम रिपेयरिंग के बाद दोबारा ट्रायल कराया गया। नगर निगम का दावा है कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो बुधवार से घरों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी, लेकिन बार-बार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं ने निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह पहली बार नहीं है जब अमृत मिशन की पाइप लाइन फेल हुई हो। इससे पहले बिरकोना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के चेंबर का वाल्व भी अधिक प्रेशर के कारण फट चुका है। उस समय नया चेंबर बनाकर मरम्मत की गई थी। इसके बाद दोबारा सिस्टम चालू करने पर अशोक नगर क्षेत्र में मेन पाइप लाइन टूट गई। बताया जा रहा है कि अशोक नगर में अब तक चार बार पाइप लाइन टूट चुकी है। हर बार मरम्मत के बाद ट्रायल किया जाता है, लेकिन फिर किसी न किसी हिस्से में तकनीकी खराबी सामने आ जाती है।
मंगलवार को भी पाइप लाइन के जॉइंट की मरम्मत के लिए कर्मचारियों को दिनभर काम करना पड़ा। निगम के मुताबिक पानी के तेज प्रेशर के कारण टेक्निकल जॉइंट फटा, जिससे डिजाइन, सामग्री की गुणवत्ता और प्रेशर मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना में बार-बार हो रही विफलताओं के बावजूद अब तक किसी की जवाबदेही तय नहीं की गई है।
नगर निगम का कहना है कि खूंटाघाट से बिरकोना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंच रहा है और यहां से शहर में करीब 35 एमएलडी पानी की सप्लाई की जानी है। हालांकि ट्रायल के दौरान ही सिस्टम बार-बार फेल हो रहा है, जिससे नियमित आपूर्ति पर संशय बना हुआ है।
जल शाखा प्रभारी अनुपम तिवारी ने बताया कि बिरकोना डब्ल्यूटीपी से पानी टंकियों में भरने के दौरान अशोक नगर मेन लाइन का टेक्निकल जॉइंट फट गया था, जिसकी मरम्मत कर ली गई है। दोबारा ट्रायल शुरू कर दिया गया है और यदि सब कुछ ठीक रहा तो बुधवार से घरों में पानी पहुंचाया जाएगा।
इधर अमृत मिशन योजना के तहत बनी 22 पानी टंकियों में से चार टंकियां निगम के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। तोरवा, तारबाहर, चांटीडीह और पीटीएस क्षेत्र की टंकियों को भरने के लिए निगम के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इन टंकियों को केवल अमृत मिशन की सप्लाई से ही भरा जा सकता है। सप्लाई बाधित होते ही इन इलाकों में पानी संकट गहरा जाता है।
गौरतलब है कि अमृत मिशन शुरू होने के बाद नगर निगम ने शहर के 122 बोर बंद कर दिए थे। जरूरत पड़ने पर इन्हें दोबारा चालू किया जाता है, लेकिन लंबे समय तक बंद रहने के कारण ये बोर अब पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बोरों को समय-समय पर चालू रखा जाता, तो भूजल रिचार्ज के साथ ही संकट के समय टंकियों को भरने का विकल्प मौजूद रहता। वर्तमान हालात में हजारों परिवार अब भी अमृत मिशन के पानी का इंतजार कर रहे हैं।
