

बिलासपुर।
किसी भी समाज की उन्नति में सबसे बड़ी बाधा अशिक्षा और नशा है। समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के प्रसार और नशामुक्ति पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उक्त विचार छत्तीसगढ़ वरिष्ठ नागरिक कॉन्फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश देवरस ने गोंडवाना किला महल, लिम्हागढ़ में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिलासपुर ज्येष्ठ नागरिक संघ की सचिव सत्यभामा अवस्थी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और मार्गदर्शन से युवा पीढ़ी अपने जीवन में सकारात्मक सुधार ला सकती है। उन्होंने समाज निर्माण में वरिष्ठजनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर ज्येष्ठ नागरिक संघ बिलासपुर की ओर से लिम्हागढ़ क्षेत्र के वरिष्ठ आदिवासी नागरिकों को साड़ी एवं कंबल का वितरण किया गया। वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में लिम्हागढ़ एवं आसपास के गांवों से आए सदस्यों ने शहीद वीर नारायण सिंह सहित सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अतिथियों के स्वागत में कर्मा नृत्य, रेला पाटा नृत्य, सुआ गीत, बैंगा नृत्य, डंडा नृत्य सहित आदिवासी समाज की विविध पारंपरिक कलाओं का भव्य प्रदर्शन किया गया, जिसने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में ज्ञान आधार शास्त्री, ज्येष्ठ नागरिक संघ बिलासपुर के राघवेन्द्र धर दीवान, महेश श्रीवास, सुदेश दुबे, डॉ. एम.सी. खुशरो, फाग सिंह सरोटे, प्रहलाद सिंह कोरम, दूज राम, संतोष मरावी, रितिका मरावी, फुल बाई उईके, अनारकली आयम, सुमन कोरम, सुलेखा कुसरो सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के नागरिक उपस्थित रहे।
