

बिलासपुर जिला अवैध धर्मांतरण का गढ़ बन चुका है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार मिशनरी द्वारा भोले भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर धर्मान्तरित कराया जा रहा है। इसे लेकर हिंदूवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था लेकिन उल्टे उन्हें ही कानूनी पचड़े में फंसा दिया गया ,इसके बाद ऐसे संगठन कमजोर हुये, जिसका लाभ अवैध धर्मांतरण करने वाले मिशनरी से जुड़े लोग उठा रहे हैं । खास कर रविवार को चंगाई सभा, प्रार्थना सभा के नाम पर ग्रामीणों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। ऐसा ही एक और मामला मस्तूरी क्षेत्र के मल्हार से आया है।

बिलासपुर जिले में अवैध धर्मांतरण के मामलों पर पुलिस की निगरानी के बीच मस्तूरी थाना क्षेत्र के मल्हार से एक मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रार्थना सभा के नाम पर ग्रामीणों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अवैध धर्म परिवर्तन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में रविवार 11 जनवरी 2026 को मल्हार चौकी क्षेत्र के डबहापारा में सूचना मिली कि रामकुमार केवट नामक व्यक्ति द्वारा प्रार्थना सभा आयोजित कर ग्रामीणों को भोजन और बीमारी ठीक होने का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता पुणेन्द्र शर्मा के लिखित आवेदन पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रामकुमार केवट पिता समलिया केवट, उम्र 41 वर्ष, निवासी डबहापारा मल्हार बोकी मल्हार, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर के खिलाफ धारा 299 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक प्रक्रिया के तहत उसे जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध धर्मांतरण की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी
