श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर, जगदलपुर की रजत जयंती को लेकर रायपुर में तेलुगू समाज की अहम बैठक


रायपुर, 7 जनवरी 2026।
जगदलपुर स्थित श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर की रजत जयंती (25 वर्ष पूर्ण) समारोह को भव्य रूप देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ तेलुगू महा संघम के आह्वान पर रायपुर में तेलुगू समाज के सभी जातीय एवं सांस्कृतिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक रात्रि 8 बजे आंध्रा एसोसिएशन श्री बालाजी मंदिर स्कूल परिसर, रायपुर में संपन्न हुई।


बैठक में जानकारी दी गई कि श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर का रजत जयंती समारोह 26 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक जगदलपुर में सप्ताहव्यापी रूप से भव्य आयोजन के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री एम. श्रीनिवास राव ने समारोह की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, दुर्ग, कोरबा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से उपस्थित तेलुगू समाज के पदाधिकारियों और गणमान्यजनों से आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग की अपील की।


बैठक की अध्यक्षता आंध्रा एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जी. स्वामी ने की। बैठक में छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंगम के संरक्षक श्री वी. रमा राव, अध्यक्ष श्री आर. मुरली, महासचिव श्री बी. तुलसी, उप महासचिव श्री एस. गणेश, उपाध्यक्ष श्री बी. वेणुगोपाल राव, मुख्य सलाहकार श्री एम. बाबू राव, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री एन. रमना मूर्ति सहित कार्यकारिणी के अनेक सदस्य एवं समाज के सक्रिय पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
श्री एम. श्रीनिवास राव ने आश्वस्त किया कि प्रदेशभर से जगदलपुर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन एवं यात्रा की समुचित व्यवस्था की जाएगी, साथ ही जगदलपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के दर्शन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह रजत जयंती समारोह छत्तीसगढ़ के तेलुगू समाज की एकता, परंपरा और आस्था का भव्य प्रतीक बनेगा।


वहीं छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंगम के संरक्षक श्री वी. रमा राव एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री आर. मुरली ने अपने उद्बोधन में प्रदेशवासियों से अपील की कि इस सात दिवसीय रजत जयंती समारोह में पूरे छत्तीसगढ़ से अधिक से अधिक श्रद्धालु एवं भक्तगण सहभागिता सुनिश्चित करें।


रजत जयंती समारोह के प्रमुख कार्यक्रम इस प्रकार होंगे—
27 जनवरी: भव्य शोभायात्रा
28 जनवरी: स्वर्ण कलश पूजा
29 जनवरी: महा अभिषेकम एवं कल्याणम
30 जनवरी: कुमकुम पूजा
31 जनवरी: सत्यनारायण कथा
1 फरवरी: महा आरती एवं महा भंडारा
— छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंगम

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