
प्रवीर भट्टाचार्य

बिलासपुर। शहर के ऐतिहासिक लाल बहादुर शास्त्री मैदान में 12 जनवरी से श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जाएग, जहां छठवीं बार देश के प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित विजय कौशल जी महाराज बिलासपुर में राम कथा सुनाएंगे। इसकी भव्य तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार शाम को यश पैलेस में श्री राम कथा आयोजन समिति की बैठक आयोजित की गई है , जिसमें आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई । 11 जनवरी को जगन्नाथ मंगलम से कलश यात्रा निकलेगी। गतबार कलश यात्रा आयोजन स्थल तक पहुंच चुकी थी जबकि उसका दूसरा छोर आरंभ स्थल पर ही था। इसी कारण से इस बार कलश यात्रा के रूट में आंशिक परिवर्तन करते हुए इसे विस्तारित किया गया है। वहीं आयोजन स्थल लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में प्रवेश और निकासी के लिए चार द्वारा बनाए गए हैं। पार्किंग के लिए भी रिवर व्यू रोड समेत अलग-अलग स्थानो पर विशेष व्यवस्था की गई है।

इस अवसर पर अलग-अलग समितियों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जहां बताया गया कि 11 जनवरी को निकलने वाली कलश यात्रा में 15,000 महिलाएं शामिल होंगी। इस अवसर पर आयोजन प्रमुख बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, पूर्व विधायक रजनीश सिंह , महापौर पूजा विधानी समेत बड़ी संख्या में विशिष्ट जन उपस्थित रहे।


श्री राम कथा का शुभारंभ एक दिन पूर्व 11 जनवरी को सुबह 9 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
कलश यात्रा जगन्नाथ मंगलम, पुराना बस स्टैंड से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंचेगी। यात्रा का मार्ग पुराना बस स्टैंड चौक, टेलीफोन एक्सचेंज रोड, अग्रसेन चौक, लिंक रोड, सत्यम चौक, मसानगंज, मध्यनगरीय चौक, मारवाड़ी लाइन, सदर बाजार, गोलबाजार, मानसरोवर चौक से होते हुए श्री हरदेव लाल मंदिर मार्ग से गुजरकर लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान स्थित श्रीराम कथा स्थल पर समापन होगा।

12 से 19 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक लाल बहादुर शास्त्री स्कूल प्रांगण में देश के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित विजय कौशल महाराज के श्रीमुख से श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान कराया जाएगा।
कथा आयोजन समिति, बिलासपुर के दिशा-निर्देश में कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

आयोजन समिति ने शहरवासियों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा में सहभागी बनने की अपील की है।

कौन हैं पंडित विजय कौशल जी महाराज
देश के प्रख्यात कथा वाचक और समाजसेवी पंडित विजय कौशल जी महाराज अपने ओजस्वी प्रवचनों, सरल भाषा और सामाजिक सरोकारों के लिए जाने जाते हैं। वे विशेष रूप से श्रीमद्भागवत कथा के प्रभावशाली वाचन के कारण देश-विदेश में ख्याति प्राप्त कर चुके हैं।
पंडित विजय कौशल जी महाराज का जन्म एक धार्मिक ब्राह्मण परिवार में हुआ। प्रारंभ से ही उन्हें वेद-पुराण, भागवत, रामकथा और भारतीय संस्कृति के अध्ययन में रुचि रही। उन्होंने परंपरागत गुरुकुल पद्धति से शास्त्रों का गहन अध्ययन किया और अल्प आयु में ही कथा वाचन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना ली।
उनकी कथाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे शास्त्रीय ज्ञान को आधुनिक जीवन से जोड़कर प्रस्तुत करते हैं। वे प्रवचनों में केवल धार्मिक उपदेश ही नहीं, बल्कि परिवार, संस्कार, नशा मुक्ति, नैतिकता, सामाजिक समरसता और मानव मूल्यों पर भी जोर देते हैं। इसी कारण युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक उनकी कथाओं में बड़ी संख्या में श्रोता पहुंचते हैं।
पंडित विजय कौशल जी महाराज वृंदावन को अपनी कर्मभूमि मानते हैं और वहीं से देशभर में धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का संचालन करते हैं। वे अनेक धार्मिक आयोजनों, गौसेवा, गरीब सहायता, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े सेवा कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों में भी उनकी भागवत कथा और प्रवचन आयोजित हो चुके हैं, जहां भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के प्रचार-प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
धार्मिक जगत में पंडित विजय कौशल जी महाराज को एक ऐसे कथावाचक के रूप में देखा जाता है, जो आस्था के साथ-साथ समाज सुधार को भी अपने प्रवचनों का केंद्र बनाते हैं। यही कारण है कि वे आज लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
