विकसित भारत 2047 के तहत ग्रामीण विकास का नया ढांचा ऐतिहासिक कदम – अमर अग्रवाल”, कांग्रेस ने किया पलटवार

बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 के अंतर्गत राश्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार किया गया है यह एक एतिहासिक कदम है। यह रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन बिल ग्रामीण भारत के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
इस बिल से अब लोगों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जबकि अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में यह सीमा 150 दिन तय की गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दल इस बिल को लेकर भ्रम फैलाने में लगे है। संसद में इस बिल को लेकर चर्चा हुई तब सभी दलों ने इस चर्चा में भाग लिया और बहस के बाद विधेयक पारित हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दलों को विकसित और राम शब्द से ही तकलीफ हो रही है।


उन्होंने स्थिति को और स्पश्ट करते हुए कहा कि पूर्व में ग्रामीण रोजगार के लिए योजनाएं बनाई गई थी। उन्होंने रोजगार योजनाओं का उल्लेख करते हुए इसके इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1980 के दशक से पहले भी देश में रोजगार आधारित योजनाएं थी। जिन्हें तत्कालीन सरकारों ने समय-समय पर इसका नाम दिया और योजनाओं में तत्कालीन आवश्यकताओं के अनुरूप परिवर्तन किया। श्रीमती इंदिरा गांधी ने पुरानी रोजगार योजनाओं को मिला कर राश्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना नाम दिया जिसे राजीव गांधी ने जवाहर रोजगार योजना नाम दिया। सोनिया-मनमोहन सिंह की सरकार ने 2004 में इसे नरेगा फिर 2005 में मनरेगा नाम दे दिया।


इसी तरह आवास योजना का नाम पहले ग्रामीण आवास था जिसे 1985 में राजीव गांधी ने बदल कर इंदिरा आवास योजना कर दिया। अप्रैल 2005 में कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना कर दिया। हर सरकारी योजनाओं में इन्होंने नेहरू गांधी परिवार का नाम जोड़ रखा है। देश की हर योजनाओं में इन्होंने एक ही परिवार के सदस्यों गांधी-नेहरू के नाम का इस्तेमाल करते रहे। अब ग्रामीण भारत बदल गया है। 2011-12 में ग्रामीण गरीब 25.7 प्रतिशत से घट कर 2023-24 में 4.86 प्रतिशत रह गई है और आजीविका में विविधता आई है। पुराना माडल आज की परिस्थितियों से मेल नहीं खाता आज हमारी जरूरते अलग है इसलिए वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर नयी योजना तैयार की गई है। कृशि को ध्यान में रखते हुए 60 दिन खेतिहर मजदूरो के लिए काम बंद कर दिया जायेगा, ताकि कृशि कार्यो के लिए श्रमिकों की कमी न हो। मनरेगा में 15 दिनों में भुगतान होता था अब नये बिल में हर हफ्ते भुगतान होगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने देश के लगभग 600 संस्थानों योजनाओं और पुरस्कारों में गांधी परिवार का नाम रखा है। देश के खेल रत्न अवार्ड को भी राजीव गांधी के नाम पर रखा गया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल, सुभाशचंद्र बोस और लाल बहादुर शास्त्री जैसे नेताओं के साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजभवन को लोकभवन, राजपथ को कर्तव्य पथ रेस कोर्स रोड को लोक कल्याण मार्ग और प्रधानमंत्री कार्यालय को सेवा तीर्थ का नाम दिया है।
प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल के साथ भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर मिश्रा, भाजपा बिलासपुर शहर जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, भाजपा बिलासपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल, महापौर पूजा विधानी, जिला मीडिया प्रभारी केके शर्मा, जिला सहप्रभारी दुर्गेश पाण्डेय, सोशल मीडिया प्रभारी देवेश खत्री उपस्थित रहे।

कांग्रेस का पक्ष

पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के द्वारा मनरेगा के नाम परिवर्तन को लेकर प्रेस वार्ता में विचार रखा गया, उसका शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा नेआपत्ति करते हुए कहा कि भाजपा राम को सत्ता पाने का माध्यम बना चुकी है , मनरेगा का नाम वी बी जी राम जी रखा गया है ,उसका नामकरण के लिए आधी हिंदी और अंग्रेजी को तोड़ मरोड़ कर बनाया गया है ताकि राम का नाम आ जाए और भाजपा की दुकान चलती रहे ,जिसका सही उच्चारण कोई भी भाजपा नेता बिना देखे नही कर सकता ,
सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि भाजपा को विकास की बड़ी लाइन खींचनी चाहिए न कि नाम बदल कर वाहवाही पाने के लिये स्तरीय राजनीति से करना चाहिए ।
शायद पूर्व मंत्री जी ने मनरेगा की तकनीकी पक्ष पर ध्यान नही दिया और भाजपा ने जो 125 दिन की रोजगार गारंटी की बात कर रहे , उसमे 60 प्रतिशत केंद्र सरकार देगी और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देगी जबकि पूर्व में केवल 10 प्रतिशत राज्य सरकार देती थी , आज कोई भी राज्य सरकार 40 प्रतिशत देगी तो केंद्र सरकार 60 प्रतिशत राशि रिलीज नही करेगी और योजना स्वमेव दम तोड़ देगी क्योकि राज्य सरकार पहले से भी कर्ज में डूबे हुए है ऐसी स्थिति में सभी राज्य सरकारें 40 प्रतिशत राशि जमा करेंगी सन्देह में है,
इस तरह भाजपा बड़ी चालाकी से मनरेगा को खत्म करने की ओर कदम बढा रही है ,भाजपा नही चाहती कि देश के गरीब लोगों को रोजगार मिले, और वे भी सुखी जीवन जिये,
सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि महात्मा गांधीजी कांग्रेस के लिए आदर्श है जिनके विचारो पर कांग्रेस चलती है,इसलिए नेहरूजी के नाम की जगह महात्मा गांधीजी का नाम रखा गया ,किन्तु भाजपा और उनके पूर्ववर्ती संगठन शुरू से ही महात्मा गांधीजी के विरोधी थे, आज़ादी की लड़ाई में उनके सभी निर्णयों के विरोध किया है, और आज़ाद भारत मे गांधीजी की हत्या गोडसे द्वारा किया गया , सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस ने सभी राजनेताओ के नाम पर योजनाए शुरू की , पर पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल जी को गांधी नाम पर एतराज है किंतु पूर्व मंत्री इस बात भूल जाते है कि नेहरू -गांधी का इतिहास आज़ादी से है ,नेहरू जी लगभग 10 वर्ष जेल में रहे ,उनके पिता ,मां ,पत्नी और बहने ,बेटी भी आज़ादी की लड़ाई में शामिल हुए ,श्रीमती इंदिरा गांधी ,राजीव गांधी जी देश के लिए शहीद हो गए ,जबकि भाजपा का आदर्श पुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी मुस्लिम लीग के साथ मिल कर बंगाल में वित्त मंत्री थे ये भाजपा का इतिहास है ,सिद्धांशु मिश्रा ने कहा भाजपा से सम्बंधित संगठन के पदाधिकारी आज़ादी में नाखून भी काटते तो उनके नाम पर भी योजनाए चलाई जाती ,नेहरू जी की दरियादिली थी कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को जानते हुए भी मंत्री मण्डल जगह दी ,
भाजपा को कांग्रेस के विरोध करने से पहले अपना आज़ादी का इतिहास को जानना चाहिए।

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