हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत, कुख्यात सट्टा खाईवाल योगेंद्र शर्मा की अग्रिम जमानत खारिज

प्रवीर भट्टाचार्य


मुंगेली।
मुंगेली क्षेत्र के कुख्यात सट्टा खाईवाल योगेंद्र शर्मा उर्फ लाला महराज उर्फ भर्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले सत्र न्यायालय मुंगेली भी उसकी अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर चुका है। कोर्ट के इस फैसले के बाद फरार आरोपी योगेंद्र शर्मा के खिलाफ पुलिस का शिकंजा और कसता नजर आ रहा है।


ग्राम खैरा, थाना फास्टरपुर सेतगंगा, जिला मुंगेली निवासी 47 वर्षीय योगेंद्र शर्मा लंबे समय से क्षेत्र में अवैध सट्टा कारोबार का पर्याय बना हुआ है। उसके खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार सट्टे की काली कमाई से उसने करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति अपने व अपने परिजनों के नाम अर्जित की है।


पेट्रोलिंग के दौरान खुला मामला


थाना फास्टरपुर सेतगंगा पुलिस ने 4 नवंबर 2025 को पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर ग्राम बड़े जाली महामाया चौक के पास गोविंद सोनवानी को सट्टा पट्टी लिखते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। उसके कब्जे से सट्टा पट्टी और नगद रकम जब्त की गई थी। पूछताछ में गोविंद सोनवानी ने बताया कि वह वर्ष 2021 से योगेंद्र शर्मा के लिए सट्टा पट्टी लिख रहा था और मोबाइल के माध्यम से परिणाम व रकम की जानकारी भेजता था।
इसी बयान के आधार पर योगेंद्र शर्मा को मामले में सह-आरोपी बनाया गया। जांच के दौरान तत्कालीन साइबर थाना प्रभारी सुशील बंछोर की मदद से बैंक खातों के स्टेटमेंट प्राप्त किए गए, जिनसे यह सामने आया कि गोविंद सोनवानी द्वारा योगेंद्र शर्मा के विभिन्न खातों में करीब 3 लाख 20 हजार 790 रुपये का लेनदेन किया गया है।


फरारी और इनाम की घोषणा


लेनदेन के पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर सत्र न्यायालय ने पहले ही योगेंद्र शर्मा की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद से वह फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए मुंगेली एसपी भोजराम पटेल द्वारा ₹1000 के इनाम की घोषणा भी की गई, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
फरारी के दौरान योगेंद्र शर्मा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने चार्जशीट में मौजूद पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर खारिज कर दिया।


अवैध संपत्ति पर भी नजर


पुलिस सूत्रों के अनुसार योगेंद्र शर्मा के खिलाफ अवैध सट्टा कारोबार से अर्जित संपत्तियों को राजसात करने की भी तैयारी की जा रही है। मुंगेली एसपी भोजराम पटेल और डीएसपी क्राइम नवनीत पाटिल द्वारा जुटाए गए ठोस सबूतों के चलते ही हाईकोर्ट से भी आरोपी को राहत नहीं मिल सकी।
मुंगेली पुलिस ने भरोसा जताया है कि जल्द ही फरार आरोपी की गिरफ्तारी कर उसे सजा दिलाई जाएगी और क्षेत्र से अवैध सट्टा कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा।

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