
आकाश दत्त मिश्रा

मुंगेली/लोरमी।
अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के कोर एरिया में रसूखदार युवकों द्वारा की गई फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में युवक निजी वाहन से करीब 14 से 16 किलोमीटर तक जंगल के भीतर घूमते, बैरियर पार करते और बेखौफ फायरिंग करते नजर आ रहे हैं।
वायरल वीडियो के अनुसार लोरमी क्षेत्र के अजीत वैष्णव, अनिकेत वैष्णव और विक्रांत वैष्णव बिना किसी रोक-टोक के एटीआर के कोर जोन में दाखिल हुए। जमुनाही बैरियर पर गार्ड ने वाहन की जांच किए बिना ही गेट खोल दिया। इसी तरह सुरही गेट पर भी वनकर्मियों ने तेजी से बैरियर उठाकर रास्ता दे दिया, मानो कोई बड़ा अधिकारी या वीआईपी पहुंचा हो।
युवक जकड़बांधा, सुरही, भुरकुंड होते हुए कंचनपुर बैरियर तक पहुंचे और वहां खुद ही बैरियर उठाकर बाहर निकल गए। बताया जा रहा है कि यह दूरी अधिकतम एक घंटे में तय होती है, लेकिन युवक 3 से 4 घंटे तक कोर एरिया में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने जंगल के भीतर कई स्थानों पर फायरिंग की और आग जलाकर मनोरंजन किया।
एयरगन या राइफल? उठे गंभीर सवाल
वन विभाग ने जिस हथियार को जब्त किया है, उसे एयरगन बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फायरिंग कोर जोन के बाहर की गई और वह भी एयरगन से। जबकि वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि अंधेरे में जंगल के भीतर फायरिंग की जा रही है और हथियार की नली से धुआं निकलता नजर आ रहा है, जो सामान्यतः एयरगन में नहीं होता। इससे विभागीय दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बाघों की सुरक्षा पर खतरा
रसूखदार बंदूकधारियों की इन हरकतों से अचानकमार टाइगर रिजर्व के बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एटीआर प्रबंधन निजी वाहनों और हथियारों के साथ प्रवेश को लेकर अत्यधिक ढील बरत रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई की मजबूरी
बताया जा रहा है कि युवकों ने अपने रसूख और वन विभाग की कथित मेहरबानी का वीडियो खुद बनाकर सोशल मीडिया में पोस्ट किया। वीडियो वायरल होने के बाद दबाव में आकर विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी, लेकिन अब भी आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
अफसरों के फोन बंद, सवालों से दूरी
मामले में जानकारी लेने पर एटीआर के अफसर टालमटोल करते और पूरे मामले पर लीपापोती करते हुए पल्ला झाड़ते नजर आए।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
वीडियो में युवकों के हावभाव यह संकेत देते हैं कि वे पहली बार इस तरह जंगल में नहीं पहुंचे थे। आशंका जताई जा रही है कि इससे पहले भी वे इसी रसूख के दम पर कोर एरिया में प्रवेश करते रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या यह मामला केवल रसूखदार युवकों की मनमानी तक सीमित है, या फिर इसके पीछे वन विभाग की अंदरूनी मिलीभगत भी है। बहरहाल, वायरल वीडियो ने अचानकमार टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
