
मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं कलेक्टर को भेजा पुनः स्मरण पत्र, उच्च स्तरीय जांच और पूरी भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने की मांग,,,
राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि रिपोर्ट,,,,
लोकेशन, सोनहत, जिला एमसीबी छत्तीसगढ़
एमसीबी/सोनहत, दिनांक 28 जुलाई 2026 को जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में हुई संविदा भर्तियों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाब कमरो ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (महिला एवं बाल विकास विभाग) तथा कलेक्टर एमसीबी को पुनः स्मरण पत्र भेजकर तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यकाल में हुई संविदा नियुक्तियों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
पूर्व विधायक ने अपने शिकायत पत्र में कहा है कि उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर संबंधित भर्तियों की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से दोबारा भर्ती कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इन भर्तियों की जांच की उठाई मांग
पूर्व विधायक ने जिन नियुक्तियों की जांच की मांग की है, उनमें प्रमुख रूप से—
- मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई, किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति की संविदा भर्ती।
- मिशन वात्सल्य के तहत चाइल्ड हेल्पलाइन की राज्य एवं जिला स्तरीय संविदा भर्ती।
- मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण केंद्र के संचालन के लिए की गई संविदा भर्ती।
- महिला संरक्षण अधिकारी की संविदा नियुक्ति।
- सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन हेतु सेवा प्रदाताओं की भर्ती।
‘ 10 माह बाद भी कार्रवाई नहीं, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल’
भरतपुर सोनहत विधानसभा के पूर्व विधायक व प्रदेश के दिग्गज कांग्रेस नेता, गुलाब कमरो का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत किए लगभग 10 माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उनके अनुसार लगातार विलंब होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है।
पूर्व विधायक गुलाब कमरों
ने मांग की है कि,इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय समिति से कराई जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में यदि किसी प्रकार की अनियमितता, पक्षपात या नियमों की अनदेखी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।।
पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग
भरतपुर/सोनहत के पूर्व विधायक ने कहा कि सरकारी योजनाओं में होने वाली भर्तियां पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता के आधार पर होना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो ऐसी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर नए सिरे से भर्ती कराई जानी चाहिए, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।
इस मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए, क्षेत्रिय जनप्रतिनिधि एवं पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहां कि अब एक बार फिर प्रशासन की भूमिका पर निगाहें टिक गई हैं। यदि शासन स्तर पर जांच समिति गठित की जाती है तो महिला एवं बाल विकास विभाग की कई संविदा भर्तियों की प्रक्रिया जांच के दायरे में आ सकती है।। अब देखना यह होगा कि पूर्व विधायक ने इस मामले को जिस गंभीरता के साथ उठाया है। क्या शासन प्रशासन इस मामले को तत्काल संज्ञान में कोई उचित फैसला लेती है।। या ऐसी ही मामले को लीपापोती कर आमजनता से सिर्फ वोट लेने तक ही सीमित रहती है।। और सरकार दावे सिर्फ कागजों में ही दिखाई जाएगी धरातल पर सिर्फ जूमला, आश्वासन और भ्रष्टाचार दिखेगा।
