
बिलासपुर। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कथित 5 करोड़ रुपये की चोरी की सोशल मीडिया पर फैली खबर को बिलासपुर पुलिस ने पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। पुलिस के अनुसार, घटना में चोरी की वास्तविक राशि और सामान सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों से बिल्कुल अलग है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर थाना सिविल लाइन और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 10 से 13 वर्ष आयु के तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लेकर चोरी गया अधिकांश मशरूका बरामद कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, गणेश चौक निवासी रजनीश सेठ अपने परिवार के साथ 18 जुलाई से ऋषिकेश भ्रमण पर गए हुए थे। उनके घर की सुरक्षा के लिए प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक सुरक्षा गार्ड तैनात था। 23 जुलाई की रात गार्ड ने घर के पीछे लगी विंडो एसी निकली हुई देखी और इसकी सूचना तत्काल रजनीश सेठ को दी। इसके बाद उनके पुत्र और एक परिचित ने घर पहुंचकर देखा कि अज्ञात व्यक्ति एसी हटाकर घर में घुसा और अलमारी से नगदी व आभूषण चोरी कर ले गया।
उस समय वीडियो कॉल के माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर प्रार्थी ने प्रारंभिक अनुमान में करीब 1.85 लाख से 2.35 लाख रुपये नकद, 15 से 20 तोला सोने के आभूषण तथा अन्य सामान चोरी होने की आशंका जताई थी। उन्होंने स्वयं लौटने के बाद वास्तविक नुकसान का विस्तृत विवरण देने की बात कही थी।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के करीब 5 करोड़ रुपये की चोरी होने की अफवाह तेजी से फैल गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह असत्य और तथ्यहीन है।
शनिवार को रजनीश सेठ स्वयं थाना सिविल लाइन पहुंचे और लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक तौर पर जिन वस्तुओं के चोरी होने की आशंका थी, उनमें से कुछ सामान घर में ही सुरक्षित मिल गए। इसके बाद उनके लिखित आवेदन के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने घटनास्थल व आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में उन्होंने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी गया सामान बरामद किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹1,06,635 नकद, ₹4,500 के पुराने नोट, सोने-चांदी के आभूषण, बहुमूल्य रत्न (प्रथम दृष्टया नीलम प्रतीत होना), पीतल और कांसे के पूजा व घरेलू उपयोग के सामान, नल की टोटियां, सिटकनी, कब्जे तथा अन्य धातु फिटिंग सामग्री बरामद की है। बरामद सामान की पहचान प्रार्थी द्वारा कर ली गई है।
पुलिस ने तीनों बालकों के विरुद्ध किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस की अपील
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपराधिक घटना से संबंधित अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे सोशल मीडिया पर साझा करें। पुलिस ने कहा कि अफवाहें समाज में अनावश्यक भ्रम और भय का माहौल पैदा करती हैं तथा ऐसे मामलों में झूठी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
