
बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (जीजीयू) के छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं पूर्व प्रभारी कुलसचिव प्रो. शैलेंद्र कुमार (55) का शुक्रवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। घटना के बाद पूरे विश्वविद्यालय परिसर में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल के पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर विश्वविद्यालय में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। शुक्रवार शाम रजत जयंती सभागार में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान प्रो. शैलेंद्र कुमार ने लगातार पांच गीत प्रस्तुत किए। छठा गीत गाते समय उन्हें अचानक बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद उन्होंने गीत बीच में ही रोक दिया और बाथरूम चले गए।
कुछ देर बाद एक फोटोग्राफर ने उन्हें बाथरूम में अचेत अवस्था में देखा और इसकी सूचना विश्वविद्यालय अधिकारियों को दी। उन्हें तत्काल व्यापार विहार स्थित एलाइट अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
एंबुलेंस नहीं पहुंची, रजिस्ट्रार कार से ले गए अस्पताल
बताया जा रहा है कि प्रो. शैलेंद्र कुमार की तबीयत बिगड़ने पर पहले एंबुलेंस बुलवाई गई, लेकिन समय पर नहीं पहुंची। इसके बाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अश्वनी दीक्षित अपनी कार से उन्हें एलाइट अस्पताल लेकर पहुंचे। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम स्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर विश्वविद्यालय का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है, जहां एंबुलेंस उपलब्ध रहती है। वहीं विश्वविद्यालय से अस्पताल की दूरी करीब 8.4 किलोमीटर होने के कारण अस्पताल पहुंचने में भी समय लगा।
परिवार को दी गई सूचना
प्रो. शैलेंद्र कुमार के निधन की खबर मिलते ही उनकी पत्नी की तबीयत भी बिगड़ गई। उनके बेटे, जो पटना में चिकित्सक हैं, को घटना की सूचना दे दी गई है। उनके शनिवार को बिलासपुर पहुंचने की संभावना है।
आईआईटी खड़गपुर से की थी पीएचडी
प्रो. शैलेंद्र कुमार सिविल इंजीनियरिंग के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् थे। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी की थी। एनआईटी जमशेदपुर में अध्यापन के बाद वर्ष 2011 में वे गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से जुड़े। अपने कार्यकाल में उन्होंने प्रोफेसर, प्रभारी कुलसचिव और छात्र कल्याण अधिष्ठाता जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। उनके नाम कई शोधपत्र, पुस्तकें, पेटेंट तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध उपलब्धियां दर्ज हैं।
प्रो. शैलेंद्र कुमार के आकस्मिक निधन पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
