
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा में भांचा और ननिहाल का रिश्ता केवल एक पारिवारिक संबंध नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान, आस्था और आत्मीयता का प्रतीक है। लोकमान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम छत्तीसगढ़ के “भांचा” हैं। ऐसे में अयोध्या धाम स्थित रामलला के दरबार से जुड़ी चोरी की घटना ने प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को गहराई से आहत किया है। अनेक श्रद्धालुओं ने इसे अपने भांचा श्रीराम के सम्मान और आस्था पर लगी चोट के रूप में महसूस किया।
इन्हीं श्रद्धाभावों को सम्मान देने तथा छत्तीसगढ़ के ननिहाल की ओर से अपने भांचा श्रीराम के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण व्यक्त करने के उद्देश्य से 25 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय “श्रीराम श्रद्धा यात्रा” का आयोजन किया जा रहा है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित श्रद्धा के नारियल एकत्र किए जाएंगे। इन नारियलों को अयोध्या धाम ले जाकर रामलला के श्रीचरणों में समर्पित किया जाएगा। यह केवल नारियल का समर्पण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के ननिहाल की ओर से अपने भांचा श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा, स्नेह, आशीर्वाद और समर्पण का भावपूर्ण संदेश होगा।
25 जुलाई 2026 (शनिवार) को दोपहर 12:00 बजे देवकीनंदन चौक स्थित श्री हनुमान मंदिर, तिलक नगर में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं श्रीराम वंदना के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मंगला क्षेत्र से आने वाला श्रद्धालुओं का विशेष जत्था भी यात्रा में शामिल होगा। यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व श्रद्धालु घर-घर जाकर पीले चावल (अक्षत) एवं सुपारी भेंट कर लोगों को इस पुण्य यात्रा में शामिल होने का आत्मीय निमंत्रण देंगे।
यात्रा की जानकारी देते हुए बेलतरा विधानसभा के विधायक प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी ने कहा कि यह यात्रा पूर्णतः श्रद्धामयी, शांतिपूर्ण एवं गैर-राजनीतिक होगी। इसका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध या प्रदर्शन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप अपने भांचा श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा, सम्मान और समर्पण को पूरे गौरव एवं गरिमा के साथ अयोध्या धाम तक पहुँचाना है।
उन्होंने बताया कि यात्रा के प्रत्येक दिवस की पदयात्रा के समापन पर भगवान श्रीराम को भोग अर्पित किया जाएगा तथा समस्त श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन किया जाएगा। सभी श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वे अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होकर पदयात्रा, भोग एवं महाप्रसाद का पुण्य लाभ प्राप्त करें।
उन्होंने समस्त रामभक्तों, मातृशक्ति, युवाओं एवं सर्वसमाज से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा कि वे इस ऐतिहासिक एवं पावन यात्रा में सहभागी बनें तथा श्रद्धा का एक नारियल अर्पित कर छत्तीसगढ़ के ननिहाल की ओर से अपने भांचा श्रीराम के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण का संदेश रामलला के श्रीचरणों तक पहुँचाने के इस पुण्य संकल्प में सहभागी बनें।
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तीन दिवसीय श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा का मार्ग
📍 प्रथम दिवस – 25 जुलाई 2026 (शनिवार) | दोपहर 12:00 बजे
देवकीनंदन चौक स्थित श्री हनुमान मंदिर, तिलक नगर से शुभारंभ होकर
राम सेतु पुल → हुंडई चौक → मुक्ति धाम → मार्क हॉस्पिटल → चंटीडीह किसान पारा → चिंगराज पारा → लिंगियाडीह → राजकिशोर नगर → मोपका।
📍 द्वितीय दिवस – 26 जुलाई 2026 (रविवार)
मोपका → बिजौर → बहतराई → खमतराई → अशोक नगर स्थित बगदाई मंदिर।
📍 तृतीय दिवस – 27 जुलाई 2026 (सोमवार)
कोनी → बिरकोना → बैमा → महामाया मंदिर → नगोई स्थित वैष्णो देवी मंदिर, जहाँ तीन दिवसीय “श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा” का श्रद्धापूर्वक समापन होगा।
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यात्रा का संदेश
🚩 “भांचा श्रीराम का सम्मान, ननिहाल छत्तीसगढ़ का प्रण — श्रद्धा के नारियल, रामलला के श्रीचरणों में समर्पण।”
🥥 “एक श्रद्धा का नारियल… अपने भांचा श्रीराम के श्रीचरणों में, छत्तीसगढ़ के ननिहाल का स्नेहिल प्रणाम।”
सभी रामभक्तों से विनम्र आग्रह
आइए, श्रद्धा का एक नारियल अर्पित करें, पदयात्रा में सहभागी बनें और छत्तीसगढ़ के ननिहाल की ओर से अपने भांचा श्रीराम के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण का संदेश अयोध्या धाम तक पहुँचाने के इस पुण्य अभियान का हिस्सा बनें।
