
बिलासपुर/कोटा। कोटा क्षेत्र के मोहारखार में रायपुर मंत्रालय में पदस्थ सहायक सांख्यिकी अधिकारी के सूने मकान में हुई करीब 15 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। मामले में पकड़ा गया आरोपी पीड़ित परिवार का करीबी रिश्तेदार निकला। इसके बाद परिवार ने शपथ पत्र देकर एफआईआर दर्ज कराने से इनकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार, रायपुर मंत्रालय में पदस्थ सहायक सांख्यिकी अधिकारी चंद्रकांत जायसवाल का पैतृक मकान कोटा के मोहारखार में है। परिवार पिछले सात दिनों से रायपुर में था। शुक्रवार रात घर लौटने पर मकान का सामान बिखरा मिला। जांच करने पर करीब 12 तोला सोना, 300 ग्राम चांदी और एक लाख रुपये नकद चोरी होने का पता चला।
सूचना मिलने पर प्रशिक्षु डीएसपी एवं थाना प्रभारी आकाश चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज और संदेहियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 20 वर्षीय युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी गए सभी जेवर और कुछ नकदी बरामद कर ली गई।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह कर्ज में डूबा हुआ था और देनदारों के दबाव के कारण उसने अपने ही रिश्तेदार के सूने मकान में चोरी की योजना बनाई। वारदात के बाद उसने जेवर अपने घर के सामने रेत में गड्ढा खोदकर छिपा दिए थे।
जब पीड़ित परिवार थाने पहुंचा तो आरोपी के करीबी रिश्तेदार होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद चंद्रकांत जायसवाल के पिता कृष्णा कुमार जायसवाल ने शपथ पत्र देकर आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं कराने की इच्छा जताई। पुलिस ने बरामद सामान परिवार को सौंपते हुए आगे की कार्रवाई नियमानुसार की।
