

बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस ने चेतना अभियान के तहत नागरिक संगठनों के सहयोग से शनिवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तखतपुर में छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मासिक धर्म जागरूकता कार्यक्रम” आयोजित किया। कार्यक्रम में मासिक धर्म से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों, व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार, स्वास्थ्य सुरक्षा तथा सामाजिक भ्रांतियों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। साथ ही सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और आत्मरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी छात्राओं को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह शामिल हुए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद तखतपुर की अध्यक्ष डॉ. पूजा मक्कड़ ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के पूजन के साथ हुआ। विशेषज्ञों ने छात्राओं को बताया कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन की एक सामान्य एवं प्राकृतिक प्रक्रिया है तथा इससे जुड़ी झिझक और सामाजिक मिथकों को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने इस दौरान स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी भी साझा की।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के साथ स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किशोरियों को सही जानकारी प्राप्त करने तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुशासन को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।

डीआईजी-एसएसपी रजनेश सिंह ने छात्राओं को आत्मविश्वासी, सजग और निर्भीक बनने की प्रेरणा देते हुए साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी या अपराध की स्थिति में पुलिस हमेशा सहायता के लिए उपलब्ध है।
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से स्वयं नियमों का पालन करने के साथ-साथ परिवार और समाज को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की अपील की। इस अवसर पर चेतना अभियान के आठों प्रमुख आयामों, जिनमें सड़क दुर्घटना से बचाव, साइबर अपराध, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध, नशे की रोकथाम, मोबाइल की लत और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं, पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मिडिल स्कूल की छात्राओं को कॉपी, पेन, पेंसिल सहित शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाली छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सामाजिक योगदान देने वाले लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। छात्राओं ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक और सरल भाषा में उत्तर दिया।
कार्यक्रम में आर्यन फिल्म एवं पूर्व यातायात उपनिरीक्षक उमाशंकर पाण्डेय ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अंत में प्रभारी प्राचार्य जितेंद्र शुक्ला ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यालय परिवार और बड़ी संख्या में छात्राओं की उपस्थिति रही।
