

बिलासपुर। नगपुरा-धमनी-कड़ार-झाल मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। बारिश के बाद सड़क पर हुए जलभराव और दो-दो फीट गहरे गड्ढों के बीच कार्यकर्ताओं ने जाल डालकर प्रतीकात्मक रूप से मछली पकड़कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की।
कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के जिलाध्यक्ष सुनील साहू के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने “सड़क है या तालाब, विधायक जी दो जवाब” जैसे नारे लगाए। सुनील साहू ने कहा कि नगपुरा, धमनी, सेंवार, कड़ार और झाल को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों के लिए जीवनरेखा है, लेकिन पहली ही बारिश में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
प्रदर्शन में बिल्हा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गीतांजलि कौशिक, मिश्रा गांधी बंजारे, शिव यादव, महेश ठाकुर, हजारी भारद्वाज, ब्रजेश दुबे, डेरिहा कांत, राहुल राजपूत, वासु निर्मलकर, अनिल चेलकर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने आरोप लगाया कि सड़क की बदहाल स्थिति के बावजूद स्थानीय विधायक और प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ उग्र आंदोलन करेगी।
10 साल पुरानी सड़क, डेढ़ साल में चार टेंडर निरस्त
करीब 10 वर्ष पहले बनी नगपुरा-धमनी-कड़ार-झाल सड़क लंबे समय से जर्जर है। सड़क के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 30 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका है। पिछले डेढ़ वर्ष में चार बार टेंडर प्रक्रिया निरस्त हो चुकी है, जबकि पांचवीं बार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अब तक वित्तीय निविदा (रेट) नहीं खोली गई है।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार पहला और दूसरा टेंडर दो फर्मों की समान दर (टाइअप) आने के कारण निरस्त करना पड़ा। इसके बाद नियमों में बदलाव किया गया, लेकिन दूसरी बार भी स्थिति नहीं बदली। तीसरी बार आदित्य कंस्ट्रक्शन को कार्य आवंटित हुआ, पर कंपनी ने अनुबंध नहीं किया। चौथी बार अधिक दर आने के कारण टेंडर निरस्त कर दिया गया। अब पांचवीं बार प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और रेट खुलने का इंतजार है।
टेंडर अटका, मरम्मत भी नहीं हो पा रही
लगातार टेंडर प्रक्रिया चलने के कारण विभाग नियमित मरम्मत भी नहीं करा पा रहा है। मार्च में उम्मीद थी कि बारिश से पहले निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, लेकिन ठेकेदार द्वारा अनुबंध प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने से काम अटक गया। अब भी सड़क निर्माण शुरू होने की कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं हो सकी है।
100 गांवों के लोगों को हो रही परेशानी
नगपुरा से झाल तक का यह मार्ग करीब 100 गांवों की बड़ी आबादी को जोड़ता है। बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव और गहरे गड्ढों के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब पांचवीं टेंडर प्रक्रिया पर टिकी हैं, ताकि लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
