

बिलासपुर। समाजसेवी स्वर्गीय श्रीमती कृष्णा बाई, जिन्हें लोग स्नेहपूर्वक “कफन वाली अम्मा” के नाम से जानते थे, की स्मृति में गौसेवकों द्वारा जरूरतमंदों के बीच खाद्य सामग्री एवं ठंडी लीची शर्बत का वितरण किया गया। यह सेवा कार्य सिम्स अस्पताल पहुंचे दूर-दराज के मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए आयोजित किया गया।
इस अवसर पर गौसेवक गोपाल कृष्ण रामानुज दास ने बताया कि स्वर्गीय श्रीमती कृष्णा बाई ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा को समर्पित कर दिया था। उन्होंने लगभग 60 वर्षों तक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करवाने और उन्हें कफन ओढ़ाकर सम्मानपूर्वक विदाई देने का पुनीत कार्य किया। समाज के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा और समर्पण को आज भी लोग श्रद्धापूर्वक याद करते हैं।

उन्होंने कहा कि कफन वाली अम्मा की स्मृति को जीवंत बनाए रखने तथा उनके सेवा भाव को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से निरंतर जनकल्याण एवं समाज सेवा के कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सिम्स अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों के बीच शीतल लीची शर्बत एवं खाद्य सामग्री का वितरण कर उन्हें राहत प्रदान की गई।

कार्यक्रम में गोपाल कृष्ण रामानुज दास, शुभम मिश्रा, शत्रुघ्न कृष्ण, आशीष यादव, विपुल शर्मा, अंशु विक्रमसिंह ठाकुर एवं वैदिक सहित बिलासपुर गौसेवा धाम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय कृष्णा बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए सेवा मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

