बिलासपुर: सिरगिट्टी दुष्कर्म प्रयास मामले में पुलिस पर लगे आरोपों की जांच पूरी, मेडिकल रिपोर्ट में आंतरिक चोट नहीं

बिलासपुर। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में दो नाबालिग सगी बहनों के साथ पड़ोस के ही एक 17 वर्षीय किशोर द्वारा रस्सी से बांधकर दुष्कर्म के प्रयास के मामले में एक नया मोड़ आया है। मामले में पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर कराई गई दोबारा जांच पूरी हो चुकी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) पंकज पटेल शनिवार को इस मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपेंगे।

पांच डॉक्टरों की टीम ने किया दोबारा परीक्षण

पीड़ित पक्ष ने पहले आरोप लगाया था कि आरोपी पक्ष से पैसे लेकर डॉक्टरों ने उसके पक्ष में मुलाहिजा रिपोर्ट तैयार की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बच्चियों का सिम्स (CIMS) में पांच डॉक्टरों की विशेष टीम से दोबारा परीक्षण कराया गया।
डॉक्टरों की नई रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि दोनों बच्चियों के प्राइवेट पार्ट में किसी भी प्रकार की आंतरिक (इंटर्नल) चोट नहीं आई है और हाइमन भी सुरक्षित है। हालांकि, डॉक्टरों ने रिपोर्ट में यह भी जोड़ा है कि केवल चोट न होने के आधार पर दुष्कर्म के प्रयास की संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता।

सीसीटीवी फुटेज की हुई गहन जांच

निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एएसपी पंकज पटेल ने शुक्रवार को सिरगिट्टी थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की करीब चार घंटे की फुटेज खंगाली। फुटेज के अनुसार:

  • दोपहर 12:50 बजे: पेट्रोलिंग टीम के आरक्षक रौनक पांडेय और उनके साथी आरोपी किशोर को लेकर थाने पहुंचे। आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसे बेंच पर बैठाया गया।
  • बयान दर्ज: इसके बाद प्रार्थी (पीड़ित) पक्ष थाने पहुंचा और विवेचक ने संवेदना कक्ष में परिजनों व बच्चियों के बयान दर्ज किए।
  • थाने में विवाद: दोपहर करीब 3 बजे जब विवेचक आरोपी से पूछताछ कर रही थीं, तब पीड़ित पक्ष भी वहां पहुंच गया। इस दौरान नाबालिग आरोपी और उसकी मां के साथ मारपीट की बात सामने आई है, जिससे थाने में विवाद की स्थिति बनी।
  • थाना प्रभारी की कार्रवाई: विवाद के दौरान थाना प्रभारी अभय सिंह बैस कुछ मिनटों के लिए बाहर आए, उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया और विवेचक को तत्काल अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए।

समझौते का दबाव बनाने वाले विवेचक लाइन अटैच

पीड़ित परिवार ने विवेचक शीतला प्रसाद त्रिपाठी पर घटना के बाद मामले को दबाने और समझौता करने की सलाह देने का गंभीर आरोप लगाया था। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने विवेचक त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अब तक पीड़ित पक्ष की ओर से इस आरोप के समर्थन में कोई पुख्ता साक्ष्य या सबूत उपलब्ध नहीं कराया गया है।
मामले की पूरी जांच रिपोर्ट आज वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

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