

बिलासपुर। शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से लागू किए गए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। वाहन चालकों का आरोप है कि कैमरों के आधार पर बिना पर्याप्त जांच के ई-चालान जारी किए जा रहे हैं, जबकि सड़कों और चौराहों की मूलभूत खामियां अब भी दूर नहीं की गई हैं। गलत चालान, अस्पष्ट संकेतक और अव्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि कई मामलों में दो लोगों के बाइक पर सवार होने के बावजूद तीन सवारी का चालान भेज दिया गया। वहीं कुछ वाहन चालकों को बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल पर भी सिग्नल जंप करने का जुर्माना थमा दिया गया। इससे आईटीएमएस की कार्यप्रणाली और उसकी निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुराना बस स्टैंड चौक बना बड़ी समस्या
शहर का पुराना बस स्टैंड चौक ट्रैफिक अव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां छह दिशाओं से आने वाले वाहनों का संचालन केवल चार सिग्नलों के जरिए किया जाता है। चौक के बीच बना ऊंचा ट्रैफिक आईलैंड कई बार सामने के सिग्नल और आने वाले वाहनों को ओझल कर देता है, जिससे वाहन चालक भ्रमित हो जाते हैं। तेलीपारा और इमलीपारा की ओर ट्रैफिक दबाव अधिक होने के बावजूद वहां ग्रीन सिग्नल का समय अपेक्षाकृत कम होने से जाम की स्थिति बनती रहती है।
लेफ्ट टर्न को लेकर भ्रम
तारबाहर, गांधी चौक और अन्य प्रमुख तिराहों-चौराहों पर स्पष्ट संकेतक बोर्डों की कमी भी वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रही है। एक मामले में रेलवे स्टेशन से निकले वाहन चालक नरेंद्र पटेल ने लेफ्ट टर्न खुला समझकर सीएमडी चौक की ओर वाहन मोड़ दिया। अगले दिन उनके मोबाइल पर 5 हजार रुपये का ई-चालान पहुंच गया। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि संबंधित लेफ्ट टर्न केवल एक विशेष दिशा के लिए खुला था।
चालान जमा करने में भी दिक्कत
ई-चालान का भुगतान करने को लेकर भी लोग परेशान हैं। कई वाहन चालक ट्रैफिक कार्यालय पहुंचते हैं, जहां उन्हें भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से करने की जानकारी दी जाती है। इसके बाद उन्हें च्वाइस सेंटरों का रुख करना पड़ता है, जहां 30 से 50 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है। इससे आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।
लेफ्ट टर्न पर बाधाएं बनीं परेशानी
नर्मदा नगर, अमेरी चौक, मंगला चौक, अशोक नगर और अग्रसेन चौक सहित शहर के कई प्रमुख सिग्नलों पर लेफ्ट टर्न के समीप बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनके कारण वाहन चालकों को मोड़ लेने में अधिक समय लगता है और पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
ट्रैफिक विभाग ने जांच का दिया भरोसा
मामले में एडिशनल एसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने कहा कि आईटीएमएस सिस्टम में गलती की संभावना नहीं है। फिर भी यदि किसी वाहन चालक को गलत चालान जारी होने की शिकायत है तो उसकी जांच कराई जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर चालान निरस्त कराने का प्रयास किया जाएगा।
शहरवासियों का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने का प्रयास स्वागतयोग्य है, लेकिन जब तक सड़क संकेतक, सिग्नल व्यवस्था, लेफ्ट टर्न और अन्य आधारभूत कमियां दूर नहीं होंगी, तब तक केवल कैमरों के भरोसे ट्रैफिक सुधारना मुश्किल होगा।
