पट्टे की कृषि भूमि पर बिना अनुमति अवैध प्लॉटिंग का मामला, 100 एकड़ खेती प्रभावित होने की आशंका, मनरेगा से बनी सड़क पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने दी चक्काजाम की चेतावनी

बिलासपुर/सकरी। सकरी क्षेत्र के ग्राम पाड़ में पट्टे की कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लॉटिंग और किसानों के आवागमन मार्ग पर कब्जे को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना डायवर्सन, टीएंडसीपी और रेरा की अनुमति के बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की जा रही है तथा 14 वर्ष पहले मनरेगा के तहत बनी सड़क को भी बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत पाड़ के सरपंच कौशल प्रसाद कौशिक ने बताया कि गांव के खसरा नंबर 216 में लगभग 50 एकड़ शासकीय पट्टे की भूमि है, जिसे वर्ष 1963-64 में गरीब किसानों को जीविकोपार्जन और कृषि कार्य के लिए आवंटित किया गया था। उनका आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं की मिलीभगत से इस भूमि का सौदा बिल्डरों और प्रॉपर्टी कारोबारियों को कर दिया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार मुंगेली रोड स्थित बालाजी आवासीय परिसर निवासी श्रीकांत सिंह ने यहां भूमि खरीदकर बिना आवश्यक अनुमति के प्लॉटिंग शुरू कर दी है। आरोप है कि किसानों के खेतों तक पहुंचने के लिए छोड़ी गई धरसा सड़क पर भी कब्जा किया जा रहा है। यदि यह मार्ग बंद हो गया तो करीब 100 एकड़ कृषि भूमि तक किसानों का पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और बैलगाड़ी के आवागमन के लिए यही एकमात्र रास्ता है।

14 साल पहले बनी थी मनरेगा सड़क

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2012 के आसपास किसानों की सुविधा के लिए मनरेगा के तहत इस मार्ग का निर्माण कराया गया था। उस समय सड़क निर्माण के लिए सभी ग्रामीणों के साथ ही श्रीकांत सिंह और उनकी पत्नी रंजना सिंह ने भी लिखित सहमति दी थी। पंचायत के अनुसार यह दस्तावेज आज भी पंचायत कार्यालय में सुरक्षित हैं।

पूर्व पंच ने बताया पट्टे की भूमि का इतिहास

गांव के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के अनुसार पाड़ खार क्षेत्र में कुल 81 एकड़ भूमि पट्टे पर आवंटित की गई थी। उस समय किसानों से 2 से 10 रुपये तक की राशि किस्तों में लेकर जमीन दी गई थी। साथ ही पूरे क्षेत्र में आवागमन के लिए चारों ओर धरसा मार्ग भी छोड़ा गया था।

कलेक्टर से शिकायत, जांच के निर्देश

ग्रामीण अर्जुन सिंह सूर्यवंशी और अमित कौशिक ने बताया कि सड़क बंद किए जाने की सूचना मिलने पर उन्होंने मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया था। इसके बाद मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई। कलेक्टर ने तखतपुर एसडीएम को तीन दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क बंद की गई तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करेंगे।

एसडीएम बोले- तहसीलदार करेंगे जांच

कोटा एसडीएम नितिन तिवारी ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच के लिए तहसीलदार को पत्र भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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