
बिलासपुर जिले में गिरते भू-जल स्तर के बीच प्रशासन द्वारा बोर खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन इसके बावजूद अवैध बोरिंग का काम लगातार जारी है। प्रशासन ने पिछले एक महीने में अलग-अलग क्षेत्रों से 5 बोरवेल मशीनें जब्त की हैं। कार्रवाई तिफरा, बसिया और ग्राम तुरकाडीह में की गई।
भीषण गर्मी के कारण जिले में भू-जल स्तर तेजी से नीचे चला गया है। इसके बावजूद बोरवेल ठेकेदार नियमों को दरकिनार कर बोरिंग करा रहे हैं। प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए लगातार कार्रवाई शुरू की है। पिछले दो दिनों में बिलासपुर तहसीलदार प्रकाशचंद्र साहू और उनकी टीम ने बसिया क्षेत्र में दबिश देकर दो बोरवेल मशीनें जब्त कीं। कार्रवाई दिन और रात दोनों समय की गई।
इसी तरह संयुक्त टीम ने तिफरा क्षेत्र में भी दो अन्य बोर मशीनें पकड़ीं, जिन्हें सिरगिट्टी थाने की कस्टडी में रखा गया है। इससे पहले सकरी तहसील के ग्राम तुरकाडीह में बिना वैध दस्तावेज के बोर खनन करते एक मशीन जब्त कर कोनी थाने के सुपुर्द किया गया था। इस कार्रवाई में तहसीलदार, थाना प्रभारी और पटवारी की संयुक्त टीम शामिल रही।
दलालों के जरिए चल रहा बोरिंग का नेटवर्क
जिले में बोरवेल मशीनों के बड़े ठेकेदारों की संख्या भले ही करीब 15 बताई जा रही हो, लेकिन बोरिंग का काम दिलाने वाले 50 से अधिक दलाल सक्रिय हैं। ये दलाल गांव-गांव जाकर किसानों और जमीन मालिकों से संपर्क करते हैं और कमीशन पर बोरिंग का सौदा तय कराते हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कई मामलों में दलाल खुद को मशीन मालिक बताकर बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन जांच में वास्तविक संचालकों के नाम सामने आ जाते हैं। बसिया, तिफरा और तुरकाडीह में हुई कार्रवाई में भी ऐसी स्थिति सामने आई है।
