

कांग्रेस को तारबाहर वार्ड क्रमांक-29 संजय गांधी नगर उपचुनाव में बड़ी राहत मिली है। पिछले चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाने वाले एसडी कार्टर रेड्डू ने इस बार अपना नामांकन वापस ले लिया है। माना जा रहा है कि पार्टी में वापसी की उम्मीद के चलते उन्होंने यह फैसला लिया है।
1 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए गुरुवार नाम वापसी का अंतिम दिन था। शहर कांग्रेस अध्यक्ष की मौजूदगी में रेड्डू ने अपना नामांकन वापस लिया। इसके बाद अब मुकाबला सीधे कांग्रेस और के बीच माना जा रहा है।
अब चुनाव मैदान में कांग्रेस से मोहम्मद आजम, भाजपा से वी. मधुसूदन राव और से सोहेल खलिक बचे हैं। पिछले चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज रेड्डू ने निर्दलीय चुनाव लड़कर कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाई थी। उन्हें 800 से अधिक वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी शेख असलम महज 540 वोट से चुनाव जीत पाए थे। उस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी एडवर्ड मसीह और निलेश राव को भी 230 से ज्यादा वोट मिले थे।
ईसाई वोटरों के फिर कांग्रेस के साथ आने की चर्चा
वार्ड में करीब 750 ईसाई मतदाता हैं। पिछले चुनाव में रेड्डू के मैदान में उतरने से ईसाई वोटों का बंटवारा हुआ था। अब उनके नाम वापस लेने और कांग्रेस को समर्थन देने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि ईसाई मतदाता फिर कांग्रेस के पक्ष में एकजुट हो सकते हैं।
इसके अलावा वार्ड में 1300 से ज्यादा मुस्लिम और 700 से अधिक एससी मतदाता भी हैं। ऐसे में कांग्रेस सामाजिक समीकरण और सहानुभूति दोनों के सहारे चुनाव में बढ़त बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि रेड्डू ने गफ्फार परिवार के खिलाफ नहीं जाने और पार्टी में वापसी की मंशा से नाम वापस लिया है। उनकी कांग्रेस में वापसी को लेकर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की जाएगी, हालांकि फिलहाल उन्हें पार्टी में शामिल नहीं किया गया है।
