चार कनेक्शन काटे गए, सरकंडा में शाम तक पहुंचा साफ पानी, अशोक नगर लाइन बंद कर मेलापारा-चांटीडीह टंकी से शुरू की गई सप्लाई

बिलासपुर। सरकंडा इलाके में दूषित और बदबूदार पेयजल की शिकायतों के बाद नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध कनेक्शन काट दिए। साथ ही अशोक नगर की ओर से आने वाली पानी सप्लाई लाइन बंद कर मेलापारा-चांटीडीह पानी टंकी से वैकल्पिक सप्लाई शुरू की गई। निगम अधिकारियों के अनुसार मंगलवार शाम तक प्रभावित घरों में साफ पानी पहुंचने लगा था।

मंगलवार को लगातार दूसरे दिन नगर निगम की 12 सदस्यीय टीम सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक इलाके में तैनात रही। इंजीनियर, प्लंबर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में घर-घर जाकर पानी की जांच की गई।

सुबह नेपाली मोहल्ला और आसपास के क्षेत्रों से फिर गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतें मिलीं। इसके बाद निगम की टीम ने पाइप लाइन की जांच शुरू की। जांच में चार स्थानों पर लीकेज और संदिग्ध कनेक्शन पाए गए। निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों कनेक्शन काट दिए और क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत कराई।

नगर निगम के प्रभारी जल शाखा अनुपम तिवारी ने बताया कि दूषित पानी की सप्लाई रोकने के लिए अशोक नगर की लाइन बंद कर दी गई है। अब मेलापारा-चांटीडीह पानी टंकी से पानी की सप्लाई की जा रही है। शाम को सप्लाई शुरू होने के बाद दोबारा जांच की गई, जिसमें अधिकांश घरों में साफ पानी मिलने की पुष्टि हुई।

संक्रमण और जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए पूरी पाइप लाइन में क्लोरीनेशन भी कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। शाम के समय निगम अधिकारियों और पूर्व पार्षद राजेश शुक्ला ने मोहल्लों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दो दिनों से गंदे पानी के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई घरों में पीने और घरेलू उपयोग के लिए बाहर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ी थी।

550 किमी लंबा है शहर का पेयजल नेटवर्क

नगर निगम के अनुसार शहर में जल आवर्धन योजना, अमृत मिशन और पुरानी पाइप लाइनों को मिलाकर करीब 550 किलोमीटर लंबा पेयजल नेटवर्क बिछा हुआ है। निर्माण कार्यों के दौरान सड़कों की खुदाई से कई जगह पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। वहीं पुरानी पाइप लाइनें नालियों से गुजरने के कारण लीकेज होने पर गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल जाता है।

सरकंडा, तालापारा, राजकिशोर नगर, चांटीडीह और पुराने शहर के कई इलाकों में समय-समय पर मटमैले और दूषित पानी की शिकायतें सामने आती रही हैं।

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