

बिलासपुर। सिम्स अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल और दुर्लभ हाई रिस्क सर्जरी कर 45 वर्षीय महिला की जान बचाई। महिला के गर्भाशय के मुंह में 15×14 सेंटीमीटर का विशाल सर्वाइकल फाइब्रॉइड पॉलीप विकसित हो गया था, जिसका आकार 27 सप्ताह के गर्भ जितना हो चुका था। कई घंटे चली सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने गांठ को दो हिस्सों में निकालकर मरीज को नया जीवन दिया।
जानकारी के अनुसार जीपीएम जिला अस्पताल से रेफर होकर पहुंची दुजी बाई पिछले दो वर्षों से पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी और लगातार रक्तस्राव की समस्या से जूझ रही थीं। सिम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में जांच के दौरान पता चला कि गर्भाशय के मुंह में बड़ी संक्रमित गांठ विकसित हो चुकी है। गांठ का दबाव पेशाब की नली और किडनी पर भी पड़ रहा था, जिससे संक्रमण तेजी से बढ़ रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. के नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई। सर्जरी में सह प्राध्यापक डॉ. , डॉ. , डॉ. और वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. शामिल रहीं।
डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्त्राव को नियंत्रित करना और आसपास के महत्वपूर्ण अंगों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती थी। सावधानीपूर्वक सर्जरी करते हुए गांठ को दो हिस्सों में हटाया गया।
सिम्स के डीन डॉ. ने कहा कि अस्पताल में लगातार जटिल और दुर्लभ सर्जरियां सफलतापूर्वक की जा रही हैं। वहीं एमएस डॉ. ने बताया कि समय पर निर्णय और अनुभवी टीम की सतर्कता से मरीज की जान बचाई जा सकी।
