राजनांदगांव: तीन वर्षों से अधूरे पदे अंडरब्रिज के चलते 40 हजार लोगों की रोजाना परेशानी

राजनंदगाँव में भारतीय रेल के इंजीनियरिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्टेशन पारा और गौरी नगर स्थित अंडरब्रिज क्रमांक 459 और 460 पिछले तीन वर्षों से पूर्ण रूप से चालू नहीं हो सके हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ रेल यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार इन दोनों अंडरब्रिजों से प्रतिदिन लगभग 40 हजार लोगों का आवागमन होता है। आसपास का क्षेत्र ग्रामीण इलाकों से जुड़ा होने के कारण यहां यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। किसानों, स्कूली बच्चों, व्यापारियों और रोजाना शहर आने-जाने वाले लोगों के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन अधूरे निर्माण कार्य और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था के कारण यहां दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरब्रिज निर्माण अधूरा रहने का असर रेल संचालन पर भी पड़ रहा है। यह रेलखंड एक महत्वपूर्ण कमर्शियल ट्रैक माना जाता है, जहां मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का दबाव लगातार बना रहता है। नागपुर से रायपुर के बीच अधिक चढ़ाव होने के कारण भारी मालगाड़ियों में अतिरिक्त इंजन लगाया जाता है, जिससे कई बार यात्री ट्रेनों को 40 से 50 मिनट तक रुकना पड़ता है।

बीते दिनों कांग्रेस पार्षद के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ जोरदार आंदोलन कर जल्द अंडरब्रिज शुरू करने की मांग उठाई थी। आंदोलन के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. रमन सिंह ने संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली और अंडरब्रिज के मुद्दे पर जवाब तलब किया। सूत्रों के अनुसार संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। बैठक में यह भी माना गया कि रेलवे प्रशासन के लापरवाह और निकम्मे इंजीनियरिंग विभाग की कार्यशैली के कारण राजनांदगांव की जनता वर्षों से परेशानियों का सामना कर रही है।

नागरिकों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन पिछले तीन वर्षों से केवल आश्वासन देता आ रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस समाधान दिखाई नहीं दे रहा। अंडरब्रिज क्षेत्र में ट्रैफिक जाम, जलभराव, दुर्घटनाओं और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। कई बार एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।

अब आम जनता सवाल कर रही है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आखिर इन दोनों अंडरब्रिजों को शुरू करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।

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