

शहर की महत्वपूर्ण पचरीघाट बराज परियोजना की एप्रोच रोड आखिरकार नए सिरे से बनाई जाएगी। करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित बराज की यह सड़क शुरू होने के महज दो माह के भीतर ही उखड़ने लगी थी, जिसके बाद निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। विभागीय जांच में निर्माण कार्य मापदंडों के अनुरूप नहीं मिलने पर जल संसाधन विभाग ने ठेका कंपनी को नोटिस जारी कर सड़क को पूरी तरह दोबारा बनाने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण का कार्य ठेकेदार सुनील अग्रवाल द्वारा कराया गया था, जबकि इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी जल संसाधन विभाग के ईई मधु चंद्रा के पास थी। गुरुवार को विभाग के ईई, एसडीओ सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कांक्रीट निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं, जिसके कारण सड़क शुरुआती दिनों में ही उखड़ने लगी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अब पुरानी सड़क को उखाड़कर पूरी एप्रोच रोड नए सिरे से कांक्रीट रोड के रूप में तैयार किया जाएगा। गुरुवार को मार्ग के दोनों ओर बेरिकेडिंग कर दी गई और एक-दो दिनों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक सड़क निर्माण का कार्य लगभग एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इस मार्ग को 15 दिनों तक आवागमन के लिए बंद रखा जाएगा। इस दौरान लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।
पचरीघाट बराज परियोजना शहर की अहम परियोजनाओं में शामिल है और इसके शुरू होने के बाद यह मार्ग शहर व आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी का जरिया बन गया था। हालांकि, सड़क बनने के कुछ ही समय बाद उसके उखड़ने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब विभागीय जांच में भी लापरवाही की पुष्टि होने के बाद ठेका कंपनी को सड़क दोबारा बनानी पड़ रही है।
जल संसाधन विभाग के एसडीओ पीएन श्रीवास्तव ने कहा कि एप्रोच रोड को नए सिरे से बनाया जाएगा। सड़क निर्माण का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन मजबूती और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मार्ग को 15 दिनों तक बंद रखा जाएगा।
