
शशि मिश्रा

कथित तौर पर उनकी गर्लफ्रेंड के साथ बातचीत करने से नाराज दो बदमाशों ने 12वीं कक्षा के छात्र पर जानलेवा हमला कर दिया। रामा ग्रीन सिटी सरकंडा निवासी 12वीं कक्षा का छात्र गुरुवार दोपहर देव नंदन नगर के सामने बने परिसर में धोबी के दुकान में कपड़ा देने गया था। जहां से वह दोपहर करीब 12:00 बजे लौट रहा था। रास्ते में वह कंचन विहार गेट के पास पान दुकान में पानी की बोतल खरीदने गया था, जहां गोड़पारा निवासी दो नाबालिग मौजूद थे, जिन्होंने 12वीं कक्षा के छात्र को देखकर कहा कि वह क्यों उनमें से एक की गर्लफ्रेंड के साथ बातचीत करता है। अपनी गर्लफ्रेंड से दूर रहने की हिदायत देते हुए उन लोगों ने गंदी- गंदी गालियां देनी शुरू कर दी। जब छात्रा ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो दोनों ने उस पर लात, घुसे, हाथ में पहने कड़ा और चाबी से हमला कर दिया। छात्र भाग कर अपनी दुकान की ओर गया तो इन दोनों नाबालिग बदमाशों ने दुकान में घुसकर भी उसके साथ मारपीट की। इस मारपीट में छात्र के सर, दाहिने कान के पास, दोनों घुटने और गर्दन में गहरी चोट लगी है। मारपीट के दौरान उसका मोबाइल भी कहीं गिर गया।

काफी देर तक दोनों बदमाश छात्र की पिटाई करते रहे। वह उसकी जान लेना चाहते थे लेकिन ठीक समय पर अभिषेक चौबे ने आकर बीच बचाव किया। पीड़ित छात्रा की मां ने बताया कि दोनों बदमाशों ने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी है। उन्होंने यह भी बताया कि यह दोनों आदतन बदमाश है और इनमें से एक के खिलाफ पहले ही 4 एफआईआर दर्ज है, जिसमें से आकाश इंस्टिट्यूट में की गई चाकू बाजी की घटना भी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों बदमाशों में से एक खुद को बिलासपुर नगर निगम के सभापति विनोद सोनी और सरकंडा थाने में पदस्थ कांस्टेबल निमित्त सोनी का भतीजा बताता है। और इन्हीं का धौंस दिखाते हुए उसने धमकी दी है कि पुलिस भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।

मारपीट की घटना के बाद घायल छात्र का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है, तो वहीं सरकंडा पुलिस ने शुक्रवार को दोनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है । पीड़ित छात्र और उसकी मां ने आशंका जताई है कि दोनों बदमाश नाबालिग है और जल्द ही छुट कर आ जाएंगे। इसके बाद उन्होंने छात्र को जान से मारने की धमकी दी है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि ऐसे बदमाश अपने अपराध के साथ यह दावा भी करते हैं कि उन्हें जनप्रतिनिधि और पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। ऐसे में पुलिस अधिकारी और जनप्रतिनिधि का नैतिक कर्तव्य होता है कि वे सामने आकर यह स्पष्ट करें कि क्या ऐसे बदमाशो को उनका संरक्षण है या फिर वे भी ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही के पक्षधर है, जिससे कि पीड़ित परिवार भय मुक्त हो सके।

पीड़ित परिवार ने दोनों ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है , हालांकि अपुष्ट खबरों के अनुसार दोनों ही आरोपी नाबालिग है इसलिए पुलिस के भी हाथ बंधे हुए हैं। फिलहाल सरकंडा पुलिस ने दोनों ही आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 115(2), 351(3) और 3(5 ) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
