

बिलासपुर। बिल्हा थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर समझौते का दबाव बनाने और जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगा है। ग्राम मोहतरा निवासी आयुष बरगाह ने इस संबंध में रजनेश सिंह से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता आयुष बरगाह के अनुसार, पुराने एक प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं की गई है। आरोप है कि बिल्हा थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक अमर सिंह चंद्रा सहित पुलिसकर्मी मुकेश दिव्या और प्रताप साहू लगातार उन पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि समझौता नहीं करने पर उन्हें जेल भेजने तथा एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
आवेदन में थाना प्रभारी पर भी पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
सीसीटीवी फुटेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग को बताया अहम साक्ष्य
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 19 अप्रैल 2026 को हुई घटना का सीसीटीवी फुटेज एक पुलिसकर्मी के मोबाइल में सुरक्षित है। दावा किया गया है कि फुटेज में आरोपी सरपंच पुत्र और उसके साथी राजेश बरगाह के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
इसके अलावा, पीड़ित ने पुलिसकर्मियों द्वारा दी गई कथित धमकियों की ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया है, जिसे उन्होंने जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की बात कही है।
अब इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस विभाग की ओर से क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
